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खनन इतना कि अरावली की पहाडिय़ां हो गई खोखली

वन क्षेत्र की दीवार के भीतर हजारों टन पत्थर निकाल चुके, वन अधिकारियों को पता नहीं, जस्टाना मामले में 5 के खिलाफ मामला दर्ज

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खनन इतना कि अरावली की पहाडिय़ां हो गई खोखली

खनन इतना कि अरावली की पहाडिय़ां हो गई खोखली

अलवर. जिले में वन क्षेत्र में भी अरावली की पहाडिय़ों को नहीं बख्शा जा रहा है। सिरमौली, औरंगाबाद, बलाइ का बास सहित आसपास के वन क्षेत्र की कई पहाडिय़ों को खनन माफिया ने धराशायी कर दिया है। हालात ये हैं कि जहां वन क्षेत्र की दीवार हैं उसके किनारे-किनारे भी बड़ी दूरी में माफिया हजारों टन पत्थर का खनन कर चुका है। आसपास के कई किलोमीटर दूर के कुछ पहाड़ ऐसे हैं जो आधे से अधिक काटे जा चुके हैं।
इस बारे में खनन विभाग के अधिकारियों को अवगत कराया तो एक ही जवाब मिला कि ये वन क्षेत्र है। जिसकी वन विभाग की जिम्मेदारी है। जबकि वन विभाग के अधिकारी तो इससे अनजान हैं कि इतना अवैध खनन हो चुका है।

खनन अधिकारियों ने माना अवैध खनन हो रहा
जटियाना में रात को बड़ी हैलोजन लाइट लगाकर अवैध खनन सालों से जारी है। जिस पर पत्रिका ने 22 फरवरी के अंक में 'हनुमानजी नहीं, माफिया उठा रहे पहाड़Ó शीर्षक से प्रमुखता से जिला मुख्यालय की नाक के नीचे हो रहे अवैध खनन को प्रकाशित किया। इसके बाद खनन विभाग के अधिकारियों ने जटियाना में तीन पहाडिय़ों का मौका देखा है। तीनों जगह अवैध खनन मिला है। इसके बाद विभाग ने सदर थाने में पांच जनों हुकमुद्दीन, असरू, जैकम, जालम, जुहरू सभी जटियाना निवासी के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज कराया है।

पहाड़ तोड़ मकान बनाए, अब अवैध खनन
थाने में दर्ज रिपोर्ट में अधिकारियों ने कहा कि आरटीओ कार्यालय के पास स्थित पहाड़ को सड़क किनारे से तोड़ कर अवैध रूप से मकान बनाए गए हैं। अब मकानों के भीतर से अवैध खनन होने लगा है। पहाड़ पर नया खनन होना भी पाया गया है।

कार्रवाई की जाएगी
पांच जनों के खिलाफ मामला दर्ज करा दिया है। यह सही है कि यहां अवैध खनन हुआ है। पहाड़ तोड़कर मकान भी बनाए गए हैं। कुछ नए निर्माण भी मिले हैं। सम्बंधित के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

केसी गोयल, एमई, खनन विभाग, अलवर