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किरोड़ी मीणा के बहाने मंत्री रमेश मीणा का अपनी सरकार पर निशाना, ‘ऐसी क्या मजबूरी जो नहीं किया जा रहा गिरफ्तार?

सांसद किरोड़ी मीणा और गहलोत सरकार में कैबिनेट मंत्री रमेश मीणा के बीच अदावत जगजाहिर है। ईस्टर्न कैनल परियोजना को लेकर मंगलवार को बड़ा आंदोलन करने वाले किरोड़ी मीणा के बहाने अब रमेश मीणा ने अपनी सरकार को निशाने पर लिया है।

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Minister Ramesh Meena Targets His Government On The Pretext Of Speaker Kirori Meena

कैबिनेट मंत्री रमेश मीणा और राज्यसभा सांसद किरोड़ी मीणा

भाजपा के राज्यसभा सांसद किरोड़ी मीणा और गहलोत सरकार में कैबिनेट मंत्री रमेश मीणा के बीच अदावत जगजाहिर है। ईस्टर्न कैनल परियोजना को लेकर मंगलवार को बड़ा आंदोलन करने वाले किरोड़ी मीणा के बहाने अब रमेश मीणा ने अपनी सरकार को निशाने पर लिया है। रमेश मीणा ने किरोड़ी मीणा को असामाजिक तत्व बताते हुए कहा कि सरकार और प्रशासन को बार-बार चैलेंज करने वाले किरोड़ी मीणा पर इतनी मेहरबानी क्यों है। रमेश मीणा ने कहा कि किरोड़ी मीणा पर 5 से ज्यादा मामलों में गंभीर मुकदमे दर्ज हैं जिनकी रिपोर्ट भी हो चुकी है फिर सरकार की ऐसी क्या मजबूरी है कि किरोड़ी मीणा को गिरफ्तार नहीं किया जा रहा है।

रमेश मीणा ने आज प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि किरोड़ी मीणा की राजनीति का सूर्य अस्त हो चुका है, दबंगई दिखाने और मीडिया में खबर छपवाने के लिए इस तरह की हरकतें करते रहते हैं। मंत्री रमेश मीणा ने कहा कि किरोड़ी मीणा दावा किया था कि 2 लाख लोग जयपुर कूच करेंगे लेकिन शाम होते-होते 15 हज़ार लोग ही रह गए और उन्हें मालूम था कि शाम को लोग भाग जाएंगे इसलिए प्रशासन से मैच फिक्सिंग करके आंदोलन वापस ले लिया।

तब क्या सो रहे थे किरोड़ी मीणा

मंत्री रमेश मीणा ने कहा कि ईस्टर्न कैनाल परियोजना की डीपीआर पूर्ववर्ती वसुंधरा सरकार के समय साल 2017 में बनी थी, उस वक्त भ क्या क्या नियम जोड़े जा रहे थे, किरोड़ी मीणा उस वक्त क्यों नहीं बोले।
क्या वह उस वक्त सो रहे थे। रमेश मीणा ने कहा कि इनका विकास से कोई लेना देना नहीं है आज तक उन्होंने ऐसा कोई काम नहीं किया जिससे जनता को फायदा पहुंचा इनको तो केवल दबंगई दिखानी होती है।
यह लोग केवल लाशों की राजनीति करते हैं और अपनी दबंगई दिखाकर अधिकारियों को भी डराने का काम करते हैं


ऐसे व्यक्ति को गिरफ्तार किया जाए

मंत्री रमेश मीणा ने कहा कि हम मुख्यमंत्री अशोक गहलोत सरकार से मांग करते हैं कि प्रशासन और सरकार को बार-बार चैलेंज करने वाले ऐसे व्यक्ति को गिरफ्तार किया जाए लेकिन हम भी सोचने को मजबूर है कि आखिर सरकार की क्या मजबूरी है जो गिरफ्तार नहीं किया जा रहा है।

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सरपंचों की कोई मांग पेंडिंग नहीं

इधर सरपंचों के एक धड़े की ओर से 24 अगस्त को प्रस्तावित आंदोलन को लेकर मंत्री रमेश मीणा ने कहा कि सरपंच से जुड़ी कोई मांग पेन्डिंग नहीं बची है उनकी जो समस्याएं थी सब का निस्तारण कर दिया गया है लेकिन जो लोग आंदोलन की बात कर रहे हैं।ये वो यह लोग जिन्हें राजनीति करनी है या एमएलए बनना है। वो अपनी राजनीति करते रहे लोकतंत्र में धरना देने का अधिकार सभी को है धरने होते रहने चाहिए।


मंत्री रमेश मीणा ने कहा कि सरपंचों की जो समस्याएं केंद्र से जुड़ी हुई थी उसके लिए केंद्र सरकार को पत्र लिखा है, फाइनेंस से जुड़ी समस्याओं के लिए वित्त विभाग को पत्र लिखा है हमारे विभाग में कोई समस्या पेंडिंग नहीं है फिर भी कोई छोटी मोटी समस्या होगी तो उसका भी निदान कर देंगे। उन्होंने कहा कि जल जनता योजना को लेकर सरपंचों ने मांग उठाई थी कि वह उसका भार नहीं उठा सकते हैं इसके लिए बजट घोषणा में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से घोषणा करवाई गई और योजना को पीएचडी विभाग के सुपुर्द कर दिया गया। इससे पीसीसी मुख्यालय में की जनसुनवाई इससे पहले मंत्री रमेश मीणा और सुखराम बिश्नोई ने पीसीसी मुख्यालय में जनसुनवाई की और फरियादियों की समस्याएं सुनी और उनका निस्तारण करने का प्रयास किया।

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