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राजस्थान में ड्राइविंग लाइसेंस के बदले नियम: ट्रैफिक रूल तोड़ने वालों का सस्पेंड DL अब ट्रेनिंग के बाद ही होगा बहाल

Rajasthan News: राजस्थान में ट्रैफिक नियम तोड़ने वाले चालकों के लिए ड्राइविंग लाइसेंस बहाली के नियम बदल दिए गए हैं। अब सस्पेंड लाइसेंस अपने आप बहाल नहीं होगा बल्कि रिफ्रेशर ट्रेनिंग पूरी करके उसका प्रमाणपत्र सारथी पोर्टल पर अपलोड करने के बाद ही लाइसेंस दोबारा सक्रिय किया जाएगा।
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जयपुर

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Akshita Deora

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विजय शर्मा

Jul 17, 2026

Traffic Rule Changed

AI जनरेटेड फोटो

Driving License Rule Change: सड़क हादसों में लगातार हो रही मौतों के बीच अब यातायात नियम तोड़ने वाले वाहन चालकों को राहत नहीं मिलेगी। अब तक राजस्थान में गंभीर यातायात अपराध पर चालक का ड्राइविंग लाइसेंस 3 महीने के लिए निलंबित (सस्पेंड) किया जाता था और अवधि पूरी होते ही वह स्वतः बहाल हो जाता था लेकिन सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (मोर्थ) ने इस व्यवस्था में बड़ा बदलाव कर दिया है। अब लाइसेंस अपने आप बहाल नहीं होगा। उसे केंद्रीय पोर्टल सारथी पर ब्लैकलिस्ट रखा जाएगा। लाइसेंस बहाली के लिए चालक को रिफ्रेशर ट्रेनिंग पूरी कर उसका प्रमाणपत्र पोर्टल पर अपलोड करना होगा। इसके बाद ही संबंधित अधिकारी रिकॉर्ड का सत्यापन करेंगे और नियमों के अनुरूप लाइसेंस को दोबारा सक्रिय किया जाएगा। इस व्यवस्था का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि नियम तोड़ने वाले चालक दोबारा सड़क पर उतरने से पहले सुरक्षित ड्राइविंग के नियमों को समझें और उनका पालन करने के लिए तैयार हों।

राजस्थान में ट्रेनिंग की व्यवस्था नहीं

मोटर वाहन नियमों में रिफ्रेशर ट्रेनिंग का प्रावधान साल 2021 में ही जोड़ दिया गया था लेकिन राजस्थान में पिछले 5 वर्षों में इसके लिए न तो अधिकृत ट्रेनिंग सेंटर विकसित किए गए और न ही प्रशिक्षण की कोई स्थायी व्यवस्था बनाई गई। परिणाम यह है कि नई प्रणाली लागू होने के बाद सस्पेंड लाइसेंस वाले चालकों की बहाली का रास्ता ही अटक गया है। अब विभाग वैकल्पिक व्यवस्था तैयार करने में जुट गया है। परिवहन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही ऐसे अधिकृत प्रशिक्षण केंद्र चिन्हित किए जाएंगे, जहां चालकों को सड़क सुरक्षा, यातायात नियमों और जिम्मेदार ड्राइविंग का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके साथ ही प्रशिक्षण प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाने के लिए ऑनलाइन पंजीकरण जैसी व्यवस्था पर भी विचार किया जा रहा है।

इसीलिए नया नियम

नई व्यवस्था का उद्देश्य केवल दंड देना नहीं, बल्कि नियम तोड़ने वाले चालकों के व्यवहार में सुधार लाना और सड़क सुरक्षा को मजबूत करना है। मंत्रालय का मानना है कि केवल जुर्माना या अस्थायी निलंबन से आदतन नियम तोड़ने वालों की मानसिकता नहीं बदलती। रिफ्रेशर ट्रेनिंग के दौरान चालकों को तेज रफ्तार, नशे में वाहन चलाने, गलत दिशा में ड्राइविंग, सीट बेल्ट और हेलमेट जैसे सुरक्षा नियमों के महत्व के बारे में भी जानकारी दी जाएगी।

सड़क सुरक्षा के लिहाज से रिफ्रेशर ट्रेनिंग के लिए वैकल्पिक व्यवस्था शुरू कर रहे हैं। इसके लिए तैयारी चल रही है।
पुरुषोत्तम शर्मा, आयुक्त, परिवहन विभाग