साल का सबसे बड़ा पर्व दिवाली आज है, इस बीच राजधानी जयपुर समेत प्रदेशभर में मौसम में बदलाव का दौर अब तेजी से देखने को मिलेगा। राजधानी जयपुर समेत शेखावाटी अंचल में अभी से इसका असर देखने को मिल रहा है। तापमान मे गिरावट के साथ ही हल्की ओस की बूंदें गाड़ियों पर नजर आने लगी है।
जयपुर। साल का सबसे बड़ा पर्व दिवाली आज है, इस बीच राजधानी जयपुर समेत प्रदेशभर में मौसम में बदलाव का दौर अब तेजी से देखने को मिलेगा। राजधानी जयपुर समेत शेखावाटी अंचल में अभी से इसका असर देखने को मिल रहा है। तापमान मे गिरावट के साथ ही हल्की ओस की बूंदें गाड़ियों पर नजर आने लगी है। जयपुर मौसम केंद्र के मुताबिक बीते दिन सीकर में न्यूनतम तापमान 13 डिग्री दर्ज किया गया है। जो अक्टूबर महीने का सबसे कम तापमान है। फिलहाल मौसम विशेषज्ञों की मानें तो अगले तीन से चार दिन प्रदेश में मौसम साफ रहेगा। ऐसे में तापमान में हल्का उतार.चढ़ाव भी दर्ज किया जा सकता है।
गिरने लगा पारा
सासर्दी का असर अब धीरे धीर बढ़ने लगा है। बीते दो सप्ताह में कई शहरों का तापमान दो से पांच डिग्री तक नीचे चला गया तो कुछ स्थानों पर सामान्य से पांच डिग्री ज्यादा है। जयपुर में बीती रात का पारा 19 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। हालांकि हवाओं के रूख से अब दिन के तापमान में भी गिरावट का दौर शुरू होगा।
प्रदेश में ठिठुरन का दौर
मौसम विभाग के मुताबिक राज्य में फिलहाल मौसम सामान्य यानी साफ रहने के ही आसार है। पहाड़ी इलाकों में हाल में हुई बर्फबारी से ठंडी हवाएं चलने से रात का पारा गिरेगा। दिवाली बाद नवबंर में रात का पारा कई शहरों में 10 डिग्री से भी नीचे जा सकता है। इसके चलते सर्दी और ठिठुरन बढ़ेगी और लोगों को गर्म कपड़े पहनने होंगे।
प्रदेश में भी बढ़ेगी सर्दी
जयपुर मौसम केंद्र के निदेशक आरएस शर्मा ने बताया कि इस साल शेखावटी अंचल अन्य साल के मुकाबले ज्यादा ठंडा रहेगी। पारा माइनस में जाने के पीछे बड़ा कारण राजस्थान की भौगोलिक परिस्थितियां है। प्रदेश में नमी बहुत कम है और ज्यादातर इलाके मैदानी और खुले हैं। यहां की जमीन जितनी जल्दी गर्म होती है, उतनी ही जल्दी ठंडी होती है। इस कारण यहां जमीन स्तर पर तापमान माइनस में चला जाता है और बर्फ जम जाती है।