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राजस्थान की राजधानी में नगर निगम ने बकाया नगरीय विकास कर वसूलने की कार्रवाई फिर तेज कर दी है। शहर में एक साथ ही 12 जगह कुर्की की कार्रवाई करने के लिए टीम निकली, जिसमें से 11 सम्पत्तियों को कुर्क कर सील कर दिया।
सिर्फ एक जने ने दिया चैक
केवल एक ने मौके पर बकाया राशि का चैक दिया, जबकि अन्य 4 सम्पत्ति मालिक सीलिंग के बाद राशि जमा कराने पहुंचे। इस बीच मालवीय नगर में सेंट एंसलम स्कूल में प्रशासनिक ब्लॉक को कुर्क कर सील करने से लेकर वापिस खोलने तक का नाटकीय घटनाक्रम चला। राजस्व अधिकारी हंसा मीणा के नेतृत्व में पहले स्कूल की इस इमारत को सील कर दिया गया। इस बीच स्कूल संचालकों ने ऊपर तक फोन खनका दिए।
इसके बाद मोती डूंगरी जोन के साथ मुख्यालय से भी अधिकारी मौके पर रवाना हो गए। स्कूल संचालक की तरफ से तर्क दिया गया कि जिस भवन को सील किया गया है, उसमें परीक्षा प्रश्र पत्र रह गए और अगले दिन परीक्षा है। इससे अधिकारी भी एकबारगी तो सकते में आ गए। सीलिंग के बाद उच्चाधिकारियों की टीम मौके पर पहुंची और मामला समझा। बाद में स्कूल प्रशासन ने 10 लाख रुपए का चैक बुधवार की तिथि का और बाकी 13 लाख रुपए का चैक 28 मार्च का दिया।
इसके बाद सील खोली गई। अफसरों की मानें तो प्रश्र पत्र भीतर रह जाने के बहाने सील खुलवाने की कोशिश की जा रही थी, जो कामयाब नहीं हो सकी।
उधर, हवामहल (पूर्व) जोन के उपायुक्त रमाकांत अग्रवाल व राजस्व अधिकारी आर.के. मेहता के निर्देशन में टीम ने सात जगह कार्रवाई की। इसमें बंद हो चुके सम्राट सिनेमा की इमारत भी शामिल है। इसके अलावा एक हवेली, आगरा रोड पर एक पेट्रोल पम्प, अपोलो अस्पताल पर भी कुर्की की कार्रवाई की गई।
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यहां जिस इमारत में सेन्ट्रल बैंक संचालित है, उस भवन मालिक ने मौके पर ही बकाया राशि का चैक दे दिया। जबकि, अन्य तीन ने कुर्की के बाद राशि जमा कराई।
Published on:
15 Mar 2017 08:20 pm
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