
जयपुर। सुपारी किलर संदीप उर्फ शेट्टी गैंगस्टर राजू उर्फ फौजी को हथियार सप्लाई करता था। उसका अजमेर और उदयपुर में शराब का कारोबार साझे में चल रहा था। आशंका जताई जा रही है कि उसके साथ आए भेदी ने इस हत्याकांड में बड़ी भूमिका निभाई। वहीं बीकानेर रेंज पुलिस महानिरीक्षक ओमप्रकाश ने खुद सर्च अभियान की कमान संभाली। पुलिस ने सड़क मार्ग पर सख्ती बरती है, जिससे बदमाशों के रेल के रास्ते भागने की आशंका है। रेल मार्ग का सीधा संपर्क जोधपुर, नागौर, बीकानेर, हनुमानगढ़, श्रीगंगानगर से हरियाणा व पंजाब से है। इसी के मद्देनजर बीकानेर रेलवे स्टेशन पर पुलिस ने निगरानी बढ़ा दी है। रेलवे स्टेशन को छावनी में तब्दील कर दिया गया। यहां हथियारबंद व लठैत जवानों को तैनात किया गया है। संदिग्ध लगने वाले हर व्यक्ति की जांच-पड़ताल की जा रही है।
एक आरोपी संदीप के गांव का निवासी
देर शाम पुलिस को फायरिंग में हरियाणा की गैंग के शामिल होने की बात पुख्ता हुई। इनमें से एक आरोपी संदीप के गांव का ही रहने वाला बताया गया है। माना जा रहा है कि तीन जने पुलिस के कब्जे में आ चुके हैं।
'गोलियों की आवाज सुनकर मुड़ा तो एक छर्रा बाजू पर आ लगा'
मैं दोपहर में खाना खाने के लिए घर जाने को कोर्ट परिसर से बाहर निकलकर अपनी कार की तरफ बढ़ रहा था। कार एसपी बंगले की तरफ सड़क किनारे खड़ी थी। कार से दस कदम दूर ही था कि पीछे गोलियां चलने की आवाज आई। आवाज सुनकर मैं अचानक मुड़ा तो एक छर्रा मेरी बाजू पर आ लगा और एक युवक सड़क पर पड़ा दिखा। गोलियां चलाने वाले दो-तीन युवक हाथों में बंदूक लिए पैदल रेलवे स्टेशन की तरफ भाग निकले।
यह सब इतने कम समय में हुआ कि कुछ देर तक तो समझ ही नहीं पाए। फिर मौके पर भीड़ जमा हो गई, पुलिस भी पहुंच गई। यह कहना है एडवोकेट भंवरलाल खुड़खुडि़या का, जो घटना के समय मौके पर थे और बदमाशों की ओर से की गई फायरिंग का एक छर्रा उन्हें भी लगा। गनीमत रही कि खुड़खुडि़या सुरक्षित बच गए। उन्होंने कहा कि कोर्ट परिसर के आगे इस प्रकार बदमाशों की ओर से सरेराह गोलियां चलाना गंभीर विषय है।
नागौर पुलिस की नाकामी उजागर
घटना स्थल के पास कलक्ट्रेट चौराहा, एसपी का बंगला है, व उससे सटी कोर्ट है। कुछ दूरी पर रेलवे स्टेशन भी है। इसके बावजूद सोमवार को हुई हत्या की इस घटना ने पुलिस की नाकामी उजागर कर दी।
पोस्टमार्टम के बाद शव ले जाने पर तनातनी
दिनभर चली कवायद के बाद पहले तो यह तय हो गया कि पोस्टमार्टम मंगलवार को होगा, लेकिन शाम होते-होते शव को पोस्टमार्टम कराने का दबाव बनता गया और रात करीब आठ बजे इसकी प्रक्रिया शुरू हुई। पोस्टमार्टम के बाद शव ले जाने की बात पर परिजन व पुलिस में तनातनी हो गई। एक पुलिसकर्मी ने शव को एम्बुलेंस में रखवा तुरंत रवाना करने को कहा, इस पर परिजन ने कह दिया कि राजनीति मत करो, राजनीति करना हमको भी आता है। इसके बाद आपसी बातचीत पर रात ढाई बजे बाद शव ले जाने की बात पर सहमति बनी।
Published on:
20 Sept 2022 04:02 pm
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