
Ramgarh Vishdhari Tiger Reserve: बाघ यहीं, लेकिन बारिश ने कर दिया लापता-video
नाहरगढ़ जैविक उद्यान से फिर बुरी खबर आई है। यहां रेस्क्यू सेंटर में प्रवास कर रहे युवा नर पैंथर शिवा की रविवार सुबह संदिग्ध हालात में मौत हो गई है। जैविक उद्यान में महज 23 दिन में एक सफेद बाघ समेत दो पैंथर की मौत विभाग पर सवाल खड़े कर रही है। आश्चर्यजनक है कि वन एवं पर्यावरण मंत्री चौधरी एक बार भी नाहरगढ़ जैविक उद्यान नहीं गए हैं। तेरह माह आयु के नर पैंथर शिवा को रायसर रेंज से गत वर्ष 23 जून को यहां लाया गया था। मां से बिछडे़ शावक का वजन उस वक्त महज 500 ग्राम था। उसके लिए दिल्ली से एक फर्म के जरिए अमरीका से स्पेशल दूध पाउडर मंगवाया गया था।
केयर टेकर को अचेत मिला था
रविवार सुबह उद्यान के केयर टेयर को वह अचेत पड़ा मिला। सूचना पर वन्यजीव चिकित्सक, डीएफओ, एसीएफ, रेंजर ने पहुंचकर जांच की तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। दोपहर दो बजे पोस्टमार्टम के बाद उसके अंगों के सैंपल फोरेंसिक लैब और बरेली स्थित आइवीआरआइ लैब में जांच के लिए भेजे गए हैं।
नाहरगढ़ जैविक उद्यान तीन वर्ष से वन्यजीवों की कब्रगाह बना हुआ है। यहां पांच बाघ, पांच शेर और दो पैंथर की संदिग्ध हालत में मौत हो चुकी है। इस संबंध में वन एवं पर्यावरण मंत्री हेमाराम चौधरी पूरी तरह अनजान हैं। घटना के दस घंटे बाद भी उन्हें पैंथर शिवा की मौत की जानकारी नहीं थी। पत्रिका संवाददाता के पूछने पर मंत्री चौधरी ने कहा कि अधिकारियों से बात करता हूं। जांच होनी चाहिए और मौत के जिम्मेदार भी तय होने चाहिए।
दावा: सांप के डसने से हुई मौत!
नाहरगढ़ जैविक उद्यान में कार्यरत वन्यजीव चिकित्सक डॉण्अरविंद माथुर का कहना है कि शिवा की मौत प्रथमदृष्टता सांप के डसने से हुई है क्योंकि मुंह से खून और जीभ नीली थी। इधरए सूत्रों का कहना है कि पैंथर बीमार था और तीन दिन से खाना छोड़ रखा था।
Published on:
08 Aug 2022 08:27 pm
