हरियाणा के जींद जिले की निवासी अंशु बताती हैं कि उनके गांव में कुश्ती का सेंटर चलता है, जहां नियमित रूप से 80 से अधिक महिला पहलवान अभ्यास करने आती हैं। उनमें से करीब 40 पहलवान राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में शिरकत करती हैं। अंशु ने बताया कि उनके दादाजी, ताऊजी और पिता पहलवान रहे हैं, इसलिए बचपन में ही तय हो गया था कि उन्हें कुश्ती सिखाई जाएगी।