Navratri 2020 Kalash Sthapana Muhurat : दुर्गा पूजा प्रारंभ करने घट स्थापना के सबसे शुभ मुहूर्त

17 अक्टूबर 2020 से शारदीय नवरात्रि प्रारंभ हो रही है। नवरात्रि के पहले दिन कलश स्थापित किया जाता है। ज्योतिषाचार्य पंडित सोमेश परसाई के अनुसार 17 अक्टूबर को सुबह 7 बजकर 25 मिनट के पहले कलश स्थापित करने के लिए अच्छा मुहूर्त नहीं है।

By: deepak deewan

Updated: 17 Oct 2020, 09:51 AM IST

जयपुर. 17 अक्टूबर 2020 से शारदीय नवरात्रि प्रारंभ हो रही है। नवरात्रि के पहले दिन कलश स्थापित किया जाता है। ज्योतिषाचार्य पंडित सोमेश परसाई के अनुसार 17 अक्टूबर को सुबह 7 बजकर 25 मिनट के पहले कलश स्थापित करने के लिए अच्छा मुहूर्त नहीं है।

इसके बाद घट स्थापना के कई शुभ मुहूर्त हैं। अधिक आश्विन मास का समापन के साथ ही आश्विन शुक्ल प्रतिपदा तिथि 16 अक्टूबर को रात्रि 1 बजकर 1 मिनट पर लग रही है। प्रतिपदा 17 अक्टूबर की रात 9 बजकर 9 मिनट तक रहेगी।

कलश स्थापना का शुभ मुहुर्त व चौघड़िया
कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त शुरू होगा— सुबह 7 बजकर 25 मिनट से
वृश्चिक स्थिर लग्न मुहूर्त— सुबह 8:36 बजे से 10:53 बजे तक।
अभिजित मुहूर्त— सुबह 11:36 से दोपहर 12:24 तक।
कुंभ लग्न — दोपहर 2:26 से शाम 4:17 तक।

चौघड़िया
शुभ— सुबह 8:00 बजे से 9:30 बजे तक
चर— मध्यान्ह 12:30 बजे से 2:00 बजे तक
लाभ— मध्यान्ह 2:00 बजे से 3:30 बजे तक
अमृत— अपरान्ह 3:30 बजे से शाम 5:00 बजे तक

ज्योतिषाचार्य पंडित नरेंद्र नागर के अनुसार सुबह स्नान के बाद दुर्गाजी का ध्यान करते हुए व्रत और पूजा का संकल्प लें. घट स्थापना करते समय नवार्ण मंत्र ‘ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चै’ या निम्न मंत्र का जाप करते रहें—

मां दुर्गा के मंत्र
1. सर्वमंगल मांगल्ये शिवे सर्वार्थ साधिके। शरण्ये त्र्यंबके गौरी नारायणि नमोऽस्तुते।।
2. या देवी सर्वभूतेषु शक्तिरूपेण संस्थिता, नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः।।

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