20 जनवरी 2026,

मंगलवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

एनसीसी कैडेट्स का किया स्वागत

एनसीसी महानिदेशालय की ओर से आयोजित गणतंत्र दिवस परेड और प्रधानमंत्री रैली में भाग लेकर एनसीसी निदेशालय राजस्थान के 57 कैडेट्स का कटिजेंट जयपुर लौटा। जिनका सोमवार को एनसीसी निदेशालय राजस्थान के उप महानिदेशक एयरकमाडोर ललित कुमार जैन सहित सभी यूनिटों के कमान अधिकारियों ने स्वागत

2 min read
Google source verification

जयपुर

image

Rakhi Hajela

Jan 31, 2022

एनसीसी कैडेट्स का किया स्वागत

एनसीसी कैडेट्स का किया स्वागत


जयपुर।
एनसीसी महानिदेशालय की ओर से आयोजित गणतंत्र दिवस परेड और प्रधानमंत्री रैली में भाग लेकर एनसीसी निदेशालय राजस्थान के 57 कैडेट्स का कटिजेंट जयपुर लौटा। जिनका सोमवार को एनसीसी निदेशालय राजस्थान के उप महानिदेशक एयरकमाडोर ललित कुमार जैन सहित सभी यूनिटों के कमान अधिकारियों ने स्वागत किया। कोविड.19 के कठिन समय के दौरान चीफ ट्रेनिंग ऑफिसर कर्नल जितेन्द्र सिंह और कंटिजेंट कमांडर कर्नल संजय गुप्ता ने कैडेट्स को गणतंत्र दिवस परेड के लिए तैयार किया था। इन कैडेट्स ने राजपथ मार्च, गार्ड ऑफ ऑनर, लाइन एरिया, फ्लैग एरिया, प्रधानमंत्री रैली, बेस्ट कैडेट्स जैसी अनेक प्रतियोगिताओं में भाग लिया। कैडेट्स ने फ्लैग एरिया में प्रथम स्थान, आरडीसी में तीसरा स्थान, ओवर ऑल में आठवां स्थान प्राप्त करके राजस्थान निदेशालय जयपुर का नाम रोशन किया। कैडेट श्रेष्ठा माथुर को बैस्ट कैडेट मेडल मिला है और 05 कैडेट्स को डीजी कमेंडेशन कार्ड मिला है।
उप महानिदेशक एयरकमाडोर ललित कुमार जैन ने सभी कैडेट्स को पुरस्कार वितरण कर उनकी हौंसला अफजाई की और चीफ ट्रेनिंग ऑफिसर कर्नल जितेन्द्र सिंह, कंटिजेंट कमाडर कर्नल संजय गुप्ता, एनसीसी अधिकारी ले हबीब खान, लेफ्टिनेंट सुमेरा खान, पीआई स्टाफ सूबेदार मनोज कुमार सैन, हवलदार महेश कुमार और हवलदार महिपाल सिंह राठौर को उत्कृष्ट प्रशिक्षण के लिए बधाई दी।

दुलाराम सहारण की गांधी साहित्य की राजस्थानी अनुवाद पुस्तकों का विमोचन
जयपुर 31 जनवरी। प्रदेश के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने महात्मा गांधी की कृतियों के चूरू निवासी जाने माने साहित्यकार दुलाराम सहारण द्वारा किए गए राजस्थानी अनुवाद 'सर्वोदय', 'मंगळ प्रभात' और आत्मकथा 'साच रा तजरबा' का विमोचन किया। इस अवसर पर गहलोत ने कहा कि विश्व के बदलते परिदृश्य के बीच अहिंसा और शांति के प्रतीक राष्ट्रपिता महात्मा गांधी आज और अधिक प्रासंगिक हो गए हैं। युवा शक्ति को जिस ढंग से आज राजनीतिक ताकतों द्वारा इस्तेमाल विभाजक यंत्र के रूप में किया जा रहा है वह हिंसक है और उस माहौल को सकारात्मक बनाने के लिए जरूरी है कि युवाओं को ज्यादा से ज्यादा सृजनात्मकता से जोड़ा जाए। राजस्थान हिंदी ग्रंथ अकादमी के निदेशक बीएल सैनी, अहिंसा प्रकोष्ठ चूरू प्रभारी उम्मेद सिंह गोठवाल, उद्योग मंत्री शंकुतला रावत, मुख्य मंत्री के विशेषाधिकारी देवाराम सैनी और राजस्थान बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष संगीता बेनीवाल भी इस मौके मौजूद थे।