
आरयूएचएस
विकास जैन
जयपुर. नीट पीजी मेडिकल की री काउंसलिंग अब कोर्ट का निर्णय आने के बाद ही होगी। मंगलवार से यह री काउंसलिंग होनी थी। इस मामले में मंगलवार को कोर्ट में सुनवाई है। बोर्ड ने पिछले दिनों राजकीय जयपुरिया अस्पताल में एक सीट का गलत आवंटन होने के बाद काउंसलिंग बोर्ड ने रोस्टर (रैंक के समान) संख्या 367 ओबीसी के बाद के सभी आवंटन रदृ कर दिए थे।
इसके बाद अभ्यर्थियो ने कोर्ट का फैसला आने से पहले ही इस तरह के निर्णय पर सवाल उठाया था। राजस्थान पत्रिका ने काउंसलिंग बोर्ड की इस खामी भरी प्रक्रिया और अभ्यर्थियों की पीड़ा को प्रमुखता से उजागर किया था। जानकारी के मुताबिक बोर्ड ने री काउंसलिंग की प्रक्रिया पूरी कर ली है। अब कोर्ट के समक्ष पहले और अब की जाने वाली प्रस्तावित प्रक्रिया पेश की जाएगी। हाल ही सामने आया था कि राजकीय जयपुरिया अस्पताल में राज्य काउंसलिंग के राउंड दो में पोस्ट एमबीबीएस डीएनबी जनरल मेडिसिन सीट दो अभ्यर्थियों को आवंटित कर दी गई। इतना ही नहीं, दोनों ही अभ्यर्थियों से इसकी फीस भी जमा कर ली गई। राज्य रैंक में 420वीं रैंक हासिल करने वाले दूसरे अभ्यर्थी डॉ.शाबिर मोहम्मद को इसके कारण ज्वाइनिंग नहीं मिल सकी। पूरा मामला न्यायालय में पहुंचा।
अभ्यर्थियों के पीड़ा भरे संदेश...पत्रिका को मिले
. कॉउंसलिंग बोर्ड ने इसे गलती कहकर पीछा छुड़ा लिया, अभी मामला कोर्ट में विचाराधीन है, लेकिन निर्णय आने से पहले ही दुबारा से चिकित्सकों को बुलाया जा रहा है, इनमें से अधिकांश तो ज्वाइन कर चुके और सम्बंधित मेडिकल कॉलेज में सेवाएं तक दे रहे हैं। सैंकड़ों किलोमीटर दूर शिफ्ट कर चुके हैं।
. अब चिकित्सकों को फिर से कुछ नया मिलेगा, नई ब्रांच नया शहर और अब इनसे दुबारा फीस ली जाएगी, पहले वाले खाते में आने का कह रहे हैं, फिर से नया बांड भरना पड़ेगा
. इस बीच काफी नई सीटें जुड़ी या रिजाइन भी हुई हैं..क्या होगा
. केंद्रीय और राज्य प्रत्येक में 3 राउंड होते हैं और अंत में राउंड अप होता है। छात्रों को सीटें आवंटित की गईं और उन्होंने पहले दौर में अपनी पहले आवंटित सीटों से इस्तीफा दे दिया और अपनी संबंधित आवंटित शाखाओं में शामिल हो गए।
. आवंटित सीट लेने पर मूल दस्तावेज राज्य की परिषद के साथ जमा किए जाते हैं। इस वजह से छात्र ऑल इंडिया मॉप अप राउंड और कई अन्य राज्य परामर्श दौर जैसे - तमिलनाडु, तेलंगाना, कर्नाटक, एम्स स्पॉट काउंसिलिंग में भाग नहीं ले सके
. कई छात्रों ने राज्य काउंसलिंग के दूसरे दौर में भाग नहीं लिया, क्योंकि वे अखिल भारतीय या किसी अन्य राज्य काउंसलिंग में भाग लेना चाहते थे। वे राउंड खत्म हो चुके हैं, जिन छात्रों को वहां सीटें नहीं मिली थीं, वे अब री-काउंसलिंग में भाग लेंगे, इससे प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी।
Published on:
21 Mar 2022 09:01 pm
बड़ी खबरें
View Allजयपुर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
