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लापरवाही की हद देखिए, टांका टूटने पर भी अधिकारी नहीं जागे, चाहे किसी की जान चली जाए

जलदाय विभाग के अधिकारी बांदीकुई स्थित बडिय़ाल कलां के सरकारी स्कूल में बने टांके की नहीं ले रहे सुध

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tanka

लापरवाही की हद देखिए, टांका टूटने पर भी अधिकारी नहीं जागे, चाहे किसी की जान चली जाए

जयपुर

दौसा जिले के बांदीकुई उपखंड की बडिय़ाल कलां उपतहसील मुख्यालय स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में जलदाय विभाग की ओर से बनाया जा रहा टांका निर्माण बारिश की भेंट चढ़ गया। जहां बारिश से ध्वस्त हुए टांके की अभी तक विभाग ने सुध तक नहीं ली है। ऐसे में टांका खुला पड़ा हुआ है। इससे हर समय हादसे की आशंका बनी हुई है। ग्रामीणों ने बताया बारिश के पानी का संरक्षण करने के लिए जलदाय विभाग की ओर से एमजीएसवाई तृतीय योजना में करीब 1 लाख 41 हजार लाख रुपए की लागत से विद्यालय में टांका निर्माण कार्य शुरू किया गया। निर्माण कार्य चल रहा था। पाइपों को छत से मिलान कर टांके में जोड़ दिया गया लेकिन कई दिनों पूर्व हुई बारिश से टांका निर्माण ध्वस्त हो गया। निर्माण कार्य ध्वस्त होने के कई दिन बाद भी जलदाय विभाग बेपरवाह बना हुआ है। विभाग ने अभी तक इसकी सुध तक नहीं ली है जिसके कारण टांका खुला पड़ा हुआ है। ग्रामीणों का कहना है विद्यालय में इंटर्वल के समय विद्यार्थियों का इधर-उधर घूमते वक्त कभी टांके में गिरने से बड़ा हादसा हो सकता है। जहां शिक्षकों को बार-बार इसकी निगरानी रखनी पड़ रही है।

मापदंडों की हुई अनदेखी

टांका निर्माण ध्वस्त होने पर ग्रामीणों ने निर्माण कार्य में निर्धारित मापदंडों का प्रयोग नहीं किए जाने का आरोप लगाया है। उन्होंने प्रशासन से निर्माण कार्य में गुणवत्ता युक्त सामग्री लगवाकर पुन: नए सिरे से टांका निर्माण कार्य शुरू कराने की मांग की है।

यहां भी होगा टांका निर्माण

क्षेत्र के बडिय़ाल कलां के अलावा रलावता, मोटूका, मेडी, खेडा, धांधोलाई आदि स्थानों पर संचालित राजकीय विद्यालयों में भी जल संरक्षण के लिए टांका निर्माण कराया जाएगा।


मैंने कुछ दिन पहले ज्वॉइन किया है। मुझे इस बारे में पूरी जानकारी नहीं है। - आरती सलोटिया, प्रधानाचार्य, राउमावि, बडिय़ाल कलां

यह आरोप निराधार है। निर्माण कार्य में पूरी पारदर्शिता रखी गई है। फिर भी बारिश के कारण टांका कैसे हुआ इसका पता किया जाएगा। - राजेश शर्मा, सहायक अभियंता, जलदाय विभाग, बांदीकुई