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दो करोड़ रुपए से जेके लोन अस्पताल का रूप निखरेगा, आएंगी नई मशीनें, इलाज में होगा यह फायदा

जेके लोन अस्पताल में जल्द ही सेवाओं का होगा विस्तार, 2 करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत, अस्पताल प्रशासन को एसबीआइ बैंक ने सीएसआर फंड के तहत की राशि स्वीकृत

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अविनाश बाकोलिया / जयपुर। राजस्थान में बच्चों के सबसे बड़े जेके लोन अस्पताल में जल्द ही सेवाओं का विस्तार होगा। जेके लोन अस्पताल को 2 करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत की गई है। यह राशि एसबीआइ बैंक अपने कॉर्पोरेट सोशल रेस्पोंसिबिलिटी (सीएसआर) फंड से अस्पताल के लिए देगी। इस राशि को अस्पताल के विकास कार्यों और मरीजों की सुविधा के लिए खर्च किया जाएगा।


जेके लोन अस्पताल अधीक्षक डॉ. अशोक गुप्ता ने बताया कि 2 करोड़ की राशि से अस्पताल में बच्चों के इलाज के लिए मशीनें खरीदी जाएंगी। साथ ही कई वार्डों का रेनोवेशन किया जाएगा। जो बच्चे बार-बार बिस्तर गीला कर देते हैं उनकी जांच के लिए अस्पताल में यूरो डायनामिक स्टडी मशीन खरीदी जाएगी। साथ ही पोर्टेबल अल्ट्रा साउंड विद इको कार्डियोग्राफी की मशीन भी आएगी। इस मशीन से हार्ट, सिर, पेट की जांच की जाएगी। अस्पताल अधीक्षक ने बताया कि मशीन पोर्टेबल होने से बच्चे की वेन भी देख सकेंगे। बच्चे को आइवी लाइन लगाना आसान होगा और दर्द भी कम होगा। पहले अंदाज से ही आइवी लाइन लगाते थे, जिससे कई बार फेल भी हो जाती थी।


एसएमएस मेडिकल कॉलेज प्रिंसिपल डॉ. सुधीर भंडारी ने बताया कि अस्पतालों के विकास कार्यों के लिए लगातार निजी कंपनियों से संपर्क किया जा रहा है। सीएसआर फंड में काफी पैसा पिछले दिनों में मिला है, जिसका उपयोग मरीजों की सुविधाओं के विस्तार में किया जा रहा है।

एनआइसीयू का होगा अपग्रेड
सीएसआर फंड से अस्पताल का एनआइसीयू भी अपग्रेड होगा। इसके लिए नए उपकरण खरीदे जाएंगे। अस्पताल को चाइल्ड फ्रेंडली एनवायर्नमेंट बनाने के लिए वार्ड को उसके अनुसार डिजाइन किया जाएगा। वार्डों का रेनोवेशन करके बड़ा किया जाएगा। पीडियाट्रिक सर्जरी विभाग के डॉ. अरविंद शुक्ला ने बताया कि पीडियाट्रिक लेप्रोस्कोपिक सर्जरी मशीन नई खरीदी जाएगी। इससे बच्चों की सर्जरी करना आसान हो सकेगा और रिकवरी भी जल्द होगी। अभी तक अस्पताल में पुरानी मशीन है, जिससे सर्जरी करने में काफी समस्या आ रही है।