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नए संसद भवन पर लगे अशोक स्तम्भ की प्रतिकृति जयपुर में हुई तैयार, 40 कारीगरों ने पांच महीने में की तैयार

नोहर के लक्ष्मण ने बनाई नए संसद भवन के लिए अशोक स्तम्भ की प्रतिकृति, भवन की छत पर बने राष्ट्रीय प्रतीक का पीएम मोदी ने किया अनावरण

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नए संसद भवन पर लगे अशोक स्तम्भ की प्रतिकृति जयपुर में हुई तैयार, 40 कारीगरों ने पांच महीने में की तैयार

महेन्द्र सिंह शेखावत / जयपुर। नए संसद भवन की छत पर लगी राष्ट्रीय प्रतीक अशोक स्तम्भ की जिस प्रतिकृति का अनावरण सोमवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने किया, उसका राजस्थान से गहरा रिश्ता है। यह राजधानी जयपुर में तैयार हुई है और इसके बनाने वाले मूर्तिकार मूर्तिकार लक्ष्मण व्यास मूलत: हनुमानगढ़ जिले के नोहर कस्बे के निवासी हैं।

जयपुर के स्टूडियो शिल्पिक में चालीस कारीगरों को यह कृति बनाने में करीब पांच माह का समय लगा। इसको अलग-अलग हिस्सों में तैयार कर दिल्ली ले जाया गया। वहां इन हिस्सों को जोडक़र राष्ट्रीय प्रतीक की प्रतिकृति तैयार की गई। सोमवार को इसके अनावरण के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मूर्तिकार लक्ष्मण व्यास से बात की। उन्होंने पूछा कि प्रतिमा कैसे बनाई और साथ ही, बधाई व शुभकामनाएं दी।

टाटा ने बनाई डिजाइन
अशोक स्तंभ की प्रतिकृति की डिजाइन टाटा ने तैयार की है तथा बनाने से लेकर स्थापित करने का काम लक्ष्मण व्यास की निगरानी में हुआ। इसके कुल 150 हिस्से थे, जिन्हें ट्रक से दिल्ली ले जाया गया। वहां गैस वेल्डिंग और आर्गन तकनीक से इन हिस्सों को जोड़ा गया।

तेज धूप में डटे रहे मजदूर
श्रमिकों ने तेज धूप में नए संसद भवन की छत पर काम किया। कई लोगों की तबीयत भी खराब हुई लेकिन काम को जल्दी से पूरा करने के जुनून से यह सब संभव हुआ। इस स्तंभ की खासियत यह है कि इस पर किसी भी मौसम का असर नहीं पड़ेगा। इस पर कभी जंग भी नहीं लगेगा। लक्ष्मण ने दावा किया कि आकार के लिहाज से यह देश का सबसे बड़ा स्तंभ है।

कौन हैं लक्ष्मण
नोहर निवासी लक्ष्मण व्यास राजस्थान विश्वविद्यालय से मूर्तिकला में डिग्री करने के बाद देश-विदेश में 300 प्रतिमाओं का निर्माण कर चुके हैं। इनमें उदयपुर में 57 फीट के महाराणा प्रताप, दिल्ली एयरपोर्ट पर हाथी की प्रतिमाएं, बाघा बॉर्डर पर श्याम सिंह अटारी, जवाहरलाल नेहरू, प. दीनदयाल उपाध्याय, इंदिरा गांधी समेत अनेक महापुरुषों की प्रतिमाएं शामिल हैं। दुबई और कतर में भी व्यास की बनाई प्रतिमाएं लगी हैं। विशेषकर एमएफ हुसैन इंटरनेशनल म्यूजियम में भी इनकी बनाई प्रतिमाएं लगी हैं।

ऐसा है अशोक स्तम्भ

ऊंचाई - 21 फीट
व्यास - 38 फीट

चौड़ाई -12 गुणा 12 मीटर
वजन- 9 टन 620 किलो

सामग्री - 90% तांबा 10% टिन
शैली- इटालियन लॉस्ट वैक्स