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Holi 2020 : गहलोत राज में कौन जलाएगा ‘सरकार’ की होली, देखिए

- नींदड़ किसान आंदोलन : आज जलेगी जेडीए आरक्षण पत्रों की होली, नहीं खेलेंगे रंग- होली के दिन भी किसान कर रहे जमीन सत्याग्रह - 81 लोगों ने ले रखी है जमीन समाधि, 10 नए किसान लेंगे जमीन समाधि
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जयपुर

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Pawan kumar

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Updated: 9 Mar 2020, 10:53 AM IST

kisan andolan

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जयपुर। राजधानी जयपुर (Pinkcity Jaipur) से सटे नींदड़ क्षेत्र के किसानों का आज होली के दिन भी जमीन समाधि सत्याग्रह जारी है। नींदड़ के किसान आज जयपुर विकास प्राधिकरण की ओर से दिए गए आरक्षण पत्रों की होली जलाएंगे। आज शाम किसानों के होलिका दहन में जेडीए को होलिका मानते हुए नींदड़ को प्रहलाद के रूप में पेश किया जाएगा। नींदड़ किसान आंदोलन स्थल पर होने वाले होलिका दहन में जेडीए को बुराई होलिका मानते हुए प्रतीकात्मक रूप से जलाया जाएगा। जबकि नींदड़ के किसानों को प्रहलाद मानते हुए होलिका दहन के दौरान बचा लिया जाएगा।

बेरंग रहेगी किसानों की होली
नींदड़ में आंदोलन कर रहे किसानों का कहना है कि जेडीए और राज्य सरकार के रवैये के कारण किसानों की होली काली हो गई है। पूरे देश के लोग त्योहार मना रहे हैं, लेकिन नींदड़ के किसानों को अपने हक के लिए जमीन समाधि सत्याग्रह करना पड़ रहा है। जेडीए और सरकार के रवैये का विरोध जताने के लिए किसान धुलंडी के दिन रंग नहीं खेलेंगे। इस बार नींदड़ के किसानों की होली बेरंग रहेगी। नींदड़ किसान आंदोलन के अगुवा नगेन्द्र सिंह शेखावत ने बताया कि आज सुबह 81 किसान जमीन समाधि लेकर बैठे हुए हैं। आज शाम तक 10 और किसान जमीन समाधि लेंगे। उनके लिए समाधि खोदने की कवायद चल रही है। आज शाम तक 91 किसान जमीन समाधि सत्याग्रह में शामिल हो जाएंगे। कल महिला दिवस के मौके पर 81 महिला किसानों ने जमीन समाधि लेकर जेडीए और राज्य सरकार के प्रति अपना विरोध प्रकट किया। किसानों ने बताया कि जयपुर विकास प्राधिकरण के अधिकारी कई बार वार्ता कर चुके हैं, लेकिन किसानों की मांगों पर अब तक कोई फैसला नहीं लिया गया है। जब भी किसानों का जमीन समाधि सत्याग्रह शुरू होता है, जेडीए के अधिकारी और नेता वार्ता के लिए आ जाते हैं। वार्ता के दौरान कई बार वादे किए जा चुके हैं, लेकिन ना तो जेडीए ने अपना वादा निभाया है और ना ही राज्य सरकार ने।