जयपुर। ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष की एकादशी पर बुधवार को निर्जला एकादशी (निर्जला ग्यारस) मनाई जा रही है। साल की 24 एकादशियों में निर्जला एकादशी को सबसे श्रेष्ठ बताया गया है। इसदिन जल के दान का विशेष महत्व बताया गया है, इसलिए शहरभर में लोग जल का दान कर रहे हे।
कई संगठनों-संस्थाओं की ओर से जगह-जगह स्टॉल लगाकर शर्बत और पानी का वितरण किया जा रहा है। यहां लोगों और वाहनचालकों को रोककर शर्बत पिलाया जा रहा है। लोगों की मेहमानों के जैसे मनुहार की जा रही है। ज्योतिषाचार्य डॉ. रवि शर्मा की मानें तो इस दिन निराहार और निर्जला रहकर व्रत रखने पर सभी एकादशियों का फल मिल जाता है। इस व्रत को मोक्ष प्राप्ति के लिए सर्वश्रेष्ठ माना गया है। इस दिन जल से भरे मटके का दान करने का विशेष महत्व है। महिलाएं अखंड सौभाग्य की कामना के लिए जल से भरे मटके मंदिरों में दान कर रही है।