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राजस्थान में 2 से अधिक बच्चे पर सरकारी नौकरी नहीं, SC ने राजस्थान सरकार का फैसला रखा बरकरार

सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान सरकार में रोजगार पाने के लिए राजस्थान सरकार के दो बच्चों की पात्रता मानदंड को बरकरार रखा है और फैसला सुनाया है कि यह भेदभावपूर्ण नहीं है और संविधान का उल्लंघन नहीं करता है।

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जयपुर. सुप्रीम कोर्ट ने दो से अधिक संतान वालों को नौकरी नहीं देने के राज्य सरकार के नियम को वैध ठहराया है। साथ ही, कांस्टेबल भर्ती से संबंधित इस मामले में राजस्थान हाईकोर्ट के करीब डेढ़ साल पुराने फैसले को बहाल रखते हुए दोहराया कि दो से अधिक जीवित बच्चे होने पर नौकरी नहीं देने का राज्य सरकार का निर्णय संविधान के दायरे में है।


न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायाधीश दीपांकर दत्ता व न्यायाधीश के वी विश्वनाथन की बैंच ने पूर्व सैनिक रामजी लाल जाट की विशेष अनुमति याचिका को खारिज करते हुए यह आदेश दिया। कोर्ट ने कहा कि इस बारे में प्रावधान करने के पीछे सरकार का उद्देश्य परिवार नियोजन को बढ़ावा देना है। याचिकाकर्ता ने पूर्व सैनिकों के समायोजन से संबंधित नियमों का हवाला देकर कहा कि इनमें दो से अधिक बच्चे न होने की शर्त का उल्लेख नहीं है।


कोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ता ने पुलिस कांस्टेबल भर्ती के लिए आवेदन किया, जो राजस्थान पुलिस अधीनस्थ सेवा नियम, 1989 से संचालित होती है। उल्लेखनीय है कि याचिकाकर्ता 31 जनवरी, 2017 को सेना से सेवानिवृत्त हुआ और उसने 25 मई, 2018 को कांस्टेबल भर्ती के लिए आवेदन किया। एक जून 2002 या उसके बाद दो से अधिक संतान होने के कारण याचिकाकर्ता का आवेदन खारिज कर दिया।

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