
सरोगेसी से उत्पन्न संतान की देखभाल के लिए नहीं मिलेगा अवकाश
जयपुर
Child care leave : राज्य में महिला कार्मिकों को सरकार की ओर से 18 साल तक की संतान की देखभाल के लिए चाइल्ड केयर लीव ( child care leave ) देने की व्यवस्था है, लेकिन इस अवकाश को लेकर शिक्षा निदेशालय को मिले सरकारी मार्गदर्शन के मुताबिक सरोगेसी ( surrogacy ) से उत्पन्न् संतान की देखभाल के लिए महिला कार्मिक को चाइल्ड केयर लीव नहीं दी जा सकती है। इस निर्देश से उन महिला सरकारी कार्मिकों को चाइल्ड केयर लीव का लाभ नहीं मिल पाएगा, जो खुद गर्भवती होकर मां नहीं बन सकती हैं, लेकिन सरोगेसी से संतान प्राप्त करती हैं। माध्यमिक शिक्षा निदेशालय के वित्तीय सलाहकार ने शिक्षा विभाग के जिला और संभाग स्तर के अधिकारियों को इस बारे में निर्देश देते हुए यह साफ किया है कि सरोगेसी से उत्पन्न संतान की देखभाल के लिए चाइल्ड केयर लीव स्वीकृत नहीं की जा सकती है। इसके पीछे यह तर्क भी दिया गया है कि सरोगेसी से उत्पन्न होने वाली संतान को विधिक मान्यता संबंधी समुचित प्रावधान नहीं है और चाइल्ड केयर लीव सिर्फ विधिक संतान की देखभाल के लिए ही स्वीकृत की जा सकती है।
आपको बता दें कि जुलाई में राज्य सरकार ने चाइल्ड केयर लीव संबंधी प्रावधानों में कुछ संशाधन के साथ नए निर्देश जारी किए थे। इसके मुताबिक पूरी सेवा में अधिकतम 730 दिन की ही चाइल्ड केयर लीव मिल सकती है। 18 साल से कम तक बच्चों की देखभाल के साथ ही न्यूनतम 40 फ़ीसदी तक दिव्यांग बच्चे की देखभाल के लिए यह अवकाश स्वीकृत किया जा सकता है। एक बार में पांच दिन से कम की लीव स्वीकृत नहीं होगी। एकल पुरुष कर्मचारियों को भी यह अवकाश देय होगा।
Updated on:
05 Sept 2020 05:15 pm
Published on:
05 Sept 2020 03:57 pm

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