स्कूली बच्चों पर धूम्रपान को लेकर विपरीत प्रभाव नहीं पड़े इसलिए सभी निजी व सरकारी स्कूलों के बाहर धूम्रपान निषेध के साइन बोर्ड लगेंगे। एेसा नहीं करने पर सम्बन्धित स्कूलों के खिलाफ जिला प्रशासन कार्रवाई करेगा।
जिला तम्बाकू नियंत्रण की स्टीयरिंग कमेटी की बैठक बुधवार को अपर जिला मजिस्ट्रेट शहर दुर्गेश बिस्सा की अध्यक्षता में कलक्ट्रेट सभागार में आयोजित की गई। अपर जिला कलेक्टर शहर ने सभी विद्यालयों में धूम्रपान निषेध के साइन बोर्ड लगाने के निर्देश दिए। पैसिव स्मोकिंग से आमजन को बचाने के लिए समस्त सार्वजनिक स्थानों से धूम्रपान का निषेध आवश्यक है। बैठक में कोटपा या सिगरेट और अन्य तम्बाकू उत्पाद(विज्ञापन का प्रतिषेध और व्यापार तथा वाणिज्य, उत्पादन, प्रदान और वितरण का विनियमन) अधिनियम 2003 की धारा 4, 5, 6 व 7 के बारे में जानकारी दी गई।
हो सकती है जेल
सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान करना, तम्बाकू पदार्थों के प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष विज्ञापन, 18 वर्ष से कम आयु वर्ग को तम्बाकू पदार्थ बेचना, शिक्षण संस्थानों के सौ गज के दायरे में तम्बाकू पदार्थ बेचना, बिना चित्र व वैधानिक चेतावनी के तम्बाकू पदार्थ के पैकेट बेचना अपराध है। इसके विरुद्ध 200 रुपए से 10 हजार रुपए तक का जुर्माना तथा 1 से 5 वर्ष की कैद से दण्डित किया जा सकता है।