राजस्थान निवेश प्रोत्साहन योजना-2022 में सभी प्रकार के अनुदान और छूट के लिए आवेदन और अग्रिम प्रक्रिया अब ऑनलाइन हो गई है।
जयपुर। राजस्थान निवेश प्रोत्साहन योजना-2022 में सभी प्रकार के अनुदान और छूट के लिए आवेदन और अग्रिम प्रक्रिया अब ऑनलाइन हो गई है।
राज्य सरकार ने इन्वेस्ट राजस्थान समिट-2022 में राजस्थान निवेश प्रोत्साहन योजना-2022 जारी की थी। इस योजना की कार्यावधि 31 मार्च, 2027 तक है। योजना प्रभावी होते ही वाणिज्यिक उत्पादन प्रारंभ करने से पूर्व के परिलाभों- स्टाम्प डयूटी एवं भूमि रूपान्तरण शुल्क में छूट के लिए आवेदन की सुविधा ऑनलाइन पोर्टल पर प्रारंभ कर दी गई थी।
उद्योग एवं वाणिज्य विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव वीनू गुप्ता ने बताया कि आवेदन करने से लेकर परिलाभ प्राप्त करने की सम्पूर्ण प्रक्रिया ऑनलाइन व सुगम होगी। ऑनलाइन सिस्टम में आवेदक को एसएसओ आईडी बनाकर रिप्स-2022 एप्लीकशन में जाकर प्रोफाईल फॅार्म भरना होगा जिसमें सामान्य जानकारी तथा निवेश संबंधी आंकड़े भरने पर स्वतः ही उपयुक्त श्रेणी में इसे भेज दिया जाएगा तथा आवेदक को उपलब्ध आवेदन फार्मों में परिलाभों के लिए आवेदन करना होगा। फार्मों में अधिकांश जानकारी ऑटोफिल होगी तथा अलग से परिलाभ के आवेदन पत्र में न्यूनतम जानकारी व दस्तावेज अपलोड करने होगें।
योजना के मुख्य बिन्दु :
सभी पात्र विनिर्माण व सेवा क्षेत्र के उद्यमों के लिए सात वर्षों की अवधि के लिए निवेश अनुदान, रोजगार सृजन अनुदान, विद्युत कर, मण्डी शुल्क, भूमि कर में 100 प्रतिशत छूट के साथ ही स्टाम्प डयूटी एवं भूमि रूपान्तरण शुल्क में शत प्रतिशत परिलाभ के प्रावधान हैं।
एमएसएमई श्रेणी के उद्यमों के लिए सामान्य परिलाभों के साथ ब्याज अनुदान का भी प्रावधान किया गया है। 25 करोड़ रुपए से अधिक का निवेश करने वाले उद्यमों को एसेट क्रिएशन इन्सेन्टिव के रूप में निवेश अनुदान, पूंजीगत अनुदान, टर्न ओवर लिंक्ड इन्सेन्टिव में से एक को चुनने का विकल्प रखा गया है। इसके अतिरिक्त अधिक रोजगार देने वाले उद्यमों तथा क्लस्टर्स के लिए भी अतिरिक्त परिलाभों के प्रावधान किए गए हैं।