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ईआरसीपी पर अब 13 जिलों में आर-पार की लड़ाई लड़ेगी कांग्रेस, रूपरेखा के लिए महामंथन बैठक

-रविवार को सुबह 11 कांग्रेस वॉर रूम में होगी पूर्वी राजस्थान के 13 जिलों के कांग्रेस नेताओं की बैठक

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जयपुर। ईस्टर्न कैनल परियोजना (ईआरसीपी) को लेकर पिछले डेढ़ साल से केंद्र सरकार और बीजेपी पर हमलावर हो रही कांग्रेस अब इस मुद्दे को विधानसभा चुनाव में भी भुनाएगी। पूर्वी राजस्थान के 13 जिलों में इस मुद्दे पर कांग्रेस ने आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है।

इसके संकेत शुक्रवार रात प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने भी दिए थे। इस मुद्दे पर रणनीति तैयार करने के लिए डोटासरा ने आज महामंथन बैठक बुलाई है। सुबह 11 बजे पीसीसी वॉर रूम में होने वाली इस बैठक में 13 जिलों के जिलाध्यक्ष, मंत्री, पूर्व मंत्री, विधायक, पूर्व विधायक, पूर्व सांसद और सांसद प्रत्याशी रहे नेताओं को बुलाया गया है। बैठक में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत प्रदेश, प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा भी मौजूद रहेंगे।

बैठक में बनेगी कार्यक्रमों रूपरेखा
बताया जाता है कि ईआरसीपी पर 13 जिलों में अलग-अलग कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिनमें धरने-प्रदर्शन, जन जागरण अभियान, नुक्कड़ सभाएं, जनसभाएं और डोर टू डोर कैंपेन भी होंगे।बैठक में ही सभी जिलों के कब-कब कार्य़क्रम आयोजित होंगे, इसकी रूपरेखा भी बैठक में तय होगी।

पार्टी नेताओं की मानें तो करीब एक पखवाड़े तक 13 जिलों में कार्यक्रम होंगे। बताया जाता है कि प्रदेश में चुनावी आचार संहिता लागू होने के बाद ही प्रदेश कांग्रेस की ओर से 13 जिलों में ईआरसीपी को लेकर कार्यक्रम आयोजित होंगे। माना जा जा रहा है कि 10 अक्टूबर के बाद जयपुर या फिर दौसा से इन कार्यक्रमों की शुरुआत हो सकती है।

इसलिए भी अहम है ईआरसीपी का मुद्दा
दरअसल सत्तारूढ़ कांग्रेस के लिए ईस्टर्न कैनल परियोजना का मुद्दा इसलिए भी अहम है चूंकि ईआरसीपी के तहत आने वाले 13 जिलों में विधानसभा की 86 सीटें हैं, पिछले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को यहां बड़ी सफलता मिली थी। कांग्रेस ने 49 सीटों पर कब्जा किया था तो एक सीट गठबंधन के खाते में गई थी। ऐसे में ईआरसीपी के बहाने कांग्रेस की नजर इन सीटों पर है।

वीडियो देखेंः-प्रदेश में प्रशासनिक स्तर पर बड़ा फेरबदल