
देवेंद्र सिंह राठौड़/जयपुर. Nursing Staff Mass Leave: नर्सेज के सामूहिक अवकाश के कारण शुक्रवार को राजधानी के अस्पतालों में चिकित्सा सेवाएं प्रभावित हुईं। इसका सर्वाधिक असर प्लांड ऑपरेशन पर पड़ा। आईसीयू, वार्ड में वैकल्पिक इंतजामों से व्यवस्थाएं संभाली गईं। राजधानी के अस्पतालों में 500 से ज्यादा रूटीन ऑपरेशन टालने पड़े। एसएमएस, जेकेलोन, महिला, जनाना और गणगौरी सहित अन्य अस्पतालों में भी ऑपरेशन प्रभावित हुए।
रैली निकालकर रवाना हुए, जताया रोष
सुबह सात बजे से नर्सिंग कर्मी एसएमएस मेडिकल कॉलेज के गेट पर एकत्र होना शुरू हुए। राज्य के विभिन्न जिलों से 100 से ज्यादा बसों में नर्सिंग कर्मी यहां पहुंचे। सुबह सवा आठ बजे रैली के माध्यम से नर्सेज रामलीला मैदान पहुंचे। वहां दस बजे से शाम चार बजे तक सभा हुई। इसमें सरकार के प्रति नर्सेज ने 11 सूत्री मांगों को लेकर विरोध जताया और नारे लगाए। इस बीच संघर्ष समिति का पांच सदस्यीय दल मुख्यमंत्री आवास पर पहुंचा जहां मुख्यमंत्री के ओएसडी को ज्ञापन दिया गया।
5 से हड़ताल की चेतावनी
आगामी रणनीति के तहत सरकारी अस्पतालों में प्रात: 8 से 10 बजे तक प्रतिदिन दो घंटे गेट मीटिंग जारी रहेगी। जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन कर घोषणा पत्र के वादे निभाओ दिवस मनाते हुए कलक्टरों को मुख्यमंत्री के नाम हड़ताल का नोटिस दिया जाएगा।x
एसएमएस 200 से ज्यादा ऑपरेशन टाले
चिकित्सकों के एक धड़े के काम करने से अस्पताल प्रशासन को कुछ राहत मिली। वार्डों, आईसीयू में 300 सीएचए कर्मी दिखे। यहां 1500 में से 500 नर्सिंग कर्मी ही ड्यूटी पर पहुंचे। सर्जरी, न्यूरोलॉजी और कार्डियोलोजी समेत अन्य विभागों की ओपीडी में नाम मात्र के ही नर्सिंग कर्मी दिखे। सर्जरी ओपीडी में मरीजों को सर्वाधिक परेशानी हुई। वहां मरीजों की मरहम पट्टी के लिए ट्रेंड स्टाफ भी नहीं लगाया गया। यही हाल मेडिकल आईसीयू समेत अन्य आईसीयू में भी दिखे। इमरजेंसी में भी नर्सिंग स्टूडेंट्स सेवाएं देते दिखे। उन्हें इलाज संबंधी जानकारी नहीं थी, इसलिए वे भी परेशान होते रहे। यहां 200 से ज्यादा रुटीन सर्जरी भी टाली गई। ओपीडी में मरीज भी कम भर्ती किए गए। इधर, सुपरस्पेशियलिटी ब्लॉक व ट्रोमा सेंटर में भी ऐसी ही स्थिति देखने को मिली।
जेके लोन: 15 ऑपरेशन नहीं हुए
जेके लोन में 15 रुटीन ऑपरेशन नहीं हुए। ओपीडी में भी कम मरीज भर्ती हुए। वार्डों व आईसीयू में परेशानी हुई। यहां 300 मेें से महज 86 नर्सिंग कर्मी ही ड्यूटी पर थे। कुछ बीमार बच्चों के परिजन देखभाल नहीं होने पर डिस्चार्ज करवाकर निजी अस्पताल चले गए।
अधीक्षक के राउंड लेते ही गायब हो गए जिम्मेदार, मरीज के परिजन करते रहे मरहम पट्टी
एसएमएस के धन्वंतरि ब्लॉक में परिजन अपने मरीज की मरहम पट्टी करते नजर आए। दोपहर 12 बजे अधीक्षक डॉ. अचल शर्मा ने सर्जरी, न्यूरोलोजी, कार्डियोलोजी, मेडिसिन समेत अन्य विभागों की ओपीडी का दौरा किया। इस दौरान हालात काबू में दिखे। कुछ देर बाद ही सर्जरी विभाग की ओपीडी मेें अव्यवस्था फैल गई। वहां रेजिडेंट, नर्सिंगकर्मी व अन्य स्टाफ गायब हो गया। इससे मरहम पट्टी करवाने आए मरीज परेशान होते रहे। कई मरीज रेजिडेंट से मिन्नत करते रहे।
Published on:
26 Aug 2023 12:37 pm

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