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Mental health से जूझ रहा दुनिया में हर चार में से एक शख्स

रिपोर्ट : पेरू और भारत में युवाओं के लिए रिश्तों को बनाए रखना हुआ मुश्किल

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जयपुर

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Aryan Sharma

Mar 01, 2023

Mental health से जूझ रहा दुनिया में हर चार में से एक शख्स

Mental health से जूझ रहा दुनिया में हर चार में से एक शख्स

वॉशिंगटन. दुनियाभर में बीते साल 25% लोग यानी हर चार में से एक व्यक्ति मानसिक स्वास्थ्य से जूझ रहा था। 18-24 आयु वर्ग के युवाओं के लिए अपने दादा-दादी की तुलना में मानसिक स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों की आशंका 5 गुना ज्यादा थी। सेपियन लैब्स की ओर से जारी 'द मेंटल स्टेट ऑफ द वर्ल्ड रिपोर्ट 2022' के अनुसार, लैटिन अमरीका, दक्षिण और दक्षिणपूर्व एशिया के क्षेत्रों में पेरू, भारत और बोलीविया ऐसे प्रमुख देश हैं, जहां बुजुर्गों से लेकर युवाओं तक 'सोशल सेल्फ' में सबसे ज्यादा कमी दर्ज की गई। सोशल सेल्फ यानी आप, अन्य लोगों के साथ कैसा व्यवहार करते हैं, रिश्ते बनाते हैं और दूसरों के संबंध में स्वयं को कैसे देखते हैं।

तंजानिया में लोगों का मानसिक स्वास्थ्य सबसे बेहतर
यह अध्ययन विश्व के 64 देशों में चार लाख से अधिक लोगों पर किया गया। शोध के अनुसार, 300 पॉइंट के स्केल पर वैश्विक देशों का Mental health quotient (एमएचक्यू यानी मानसिक कार्यों के विभिन्न पहलुओं के साथ दिमागी क्षमता का स्नैपशॉट, जो मेंटल हैल्थ निर्धारित करता है) औसतन 64 है। मानसिक स्वास्थ्य की उच्चतम रैंकिंग वाले देशों में तंजानिया (93.6), पनामा (88.2), प्यूर्टो रिको (88) अत्यधिक एमएचक्यू के साथ क्रमश: शीर्ष पर हैं। जबकि ब्रिटेन (46.2), दक्षिण अफ्रीका (47.5) और ब्राजील (52.9) न्यूनतम एमएचक्यू के साथ क्रमश: सबसे आखिरी स्थान पर रहे। भारत का एमएचक्यू स्तर 58.8 है।

पारिवारिक रिश्तों में कमी से दिमागी सेहत पर असर
पिछले साल अधिकांश देशों में मानसिक स्वास्थ्य 2021 के स्तर पर ही बना रहा। पूरी दुनिया में पारिवारिक रिश्ते तेजी से बिखर रहे हैं, जो किसी भी व्यक्ति के दिमागी स्वास्थ्य को प्रभावित करते हैं। 75 वर्ष और उससे अधिक उम्र के लोगों की तुलना में युवाओं के करीबी दोस्त न होने की आशंका अधिक है। शोध में पाया गया कि जिन लोगों के करीबी दोस्त नहीं हैं और पारिवारिक संबंध खराब हैं, उनका मानसिक स्वास्थ्य प्रभावित होने की आशंका 10 गुना अधिक होती है।

दक्षिणपूर्व एशियाई बनाते हैं सबसे ज्यादा दोस्त
विश्व के लगभग सभी क्षेत्रों में लोगों के औसतन तीन से चार दोस्त ऐसे हैं, जो बेहद खास हैं। दक्षिणपूर्व एशियाई और स्पेनिश बोलने वाले सबसे ज्यादा दोस्त (औसतन चार) बनाते हैं और उन पर भरोसा भी (74%) करते हैं। उप-सहारा अफ्रीका में करीबी दोस्तों की औसत संख्या सबसे कम है। लेकिन, यह दूसरा बड़ा क्षेत्र है, जहां के लोगों को अपने दोस्तों पर भरोसा (72%) है। करीबी दोस्तों की संख्या में बढ़ोतरी का मतलब है, एमएचक्यू स्कोर में वृद्धि।

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