
जल जीवन मिशन में स्वीकृत कार्यों को एक वर्ष बीता, धरातल पर नहीं पहुंचा काम
जयपुर। विगत 2 वर्षों से जयपुर जिले के चौमूं के पास स्थित ग्राम मोरीजा के लोग पेयजल आपूर्ति के लिए हांफते हुए नलकूपों पर निर्भर हैं। पेयजल आपूर्ति की समस्या के हालात इस कदर बन गए हैं कि ग्राम के कई स्थानों पर या तो पेयजल आपूर्ति नहीं हो पाती है या फिर 15 से 20 मिनट तक पानी पहुंच पाता है, वह भी बिना प्रेशर के। ग्राम में अब निजी स्तरों पर टैंकर मंगवा कर घरों में पानी की व्यवस्था कर रहे हैं।
इन सब हालातों के बीच सरकारी स्तर पर जिम्मेदार विभागों ने गांव में पेयजल समस्या के समाधान के लिए कई कार्यों को स्वीकृत कर वाहवाही लूटने का काम तो किया है, लेकिन इन कार्यों को जमीनी स्तर पर मूर्त रूप नहीं मिलने के कारण इस भीषण गर्मी में भी इन कार्यों की स्वीकृति का कोई लाभ नहीं मिल पाया है।
ये स्वीकृत काम हैं अधूरे
गौरतलब है कि गांव में पेयजल आपूर्ति के समाधान के लिए जल जीवन मिशन (Jal Jeevan Mission) के तहत लगभग 57 लाख रुपए की राशि स्वीकृत किए हुए 1 वर्ष से भी अधिक का समय हो गया है, लेकिन इस योजना से जुड़े कार्यों की अभी तक शुरुआत भी नहीं हो पाई है। इसी तरह जलदाय विभाग की ओर से ग्राम में दो थ्री फेस के बोरिंग स्वीकृत किए गए हैं और इनसे संबंधित कार्य भी अभी शुरू नहीं हो पाए हैं। पंचायत समिति गोविंदगढ की ओर से ग्राम में लगभग 2 महीने पहले दो नलकूप खुदवाए गए, जिनमें अभी तक पाइप, केबल, मोटर आदि कुछ भी नहीं डाले गए और न ही कनेक्शन की कोई प्रक्रिया शुरू हो पाई।
ध्यान दें जिम्मेदार
ग्राम के उपसरपंच सुदर्शन शर्मा ने बताया कि पेयजल समस्या के समाधान के लिए स्वीकृत किए गए कार्यों के जमीनी स्तर पर क्रियान्वित नहीं होने से गर्मी में पेयजल आपूर्ति का समाधान नहीं हो पाया और ग्रामीण पानी की समस्या से परेशान हैं। गांव में लगातार पानी की समस्या बनी हुई है। इस पर भी जिम्मेदार विभागों की ओर से स्वीकृत कार्यों को जमीनी स्तर पर मूर्त रूप दिए जाने में विलंब करना समझ से परे है।
Published on:
19 Jun 2022 12:04 am
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