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शहर में खुलेआम चल रहा ‘मौत’ का खेल, हादसों के बाद भी नहीं लें रहे सबक

आटा चक्की, साइकिल की दुकान तक पर हो रही गैस रीफिलिंग
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जयपुर

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Priyanka Yadav

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Updated: 24 Apr 2018, 12:46 PM IST

jaipur news

जयपुर . राजधानी में खुलेआम सड़कों और गलियों में गैस रिफिलिंग का धंधा चल रहा है।विद्याधरनगर के हादसे के बावजूद लोग नहीं चेत रहे। हादसे के बाद भी अवैध गैस रिफिलिंग चल रही है। पत्रिका ने सोमवार को राजधानी के कई क्षेत्रों में देखा तो कई जगह मौत के ये कारखाने चलते मिले। लोग आटा चक्की, साइकिल की दुकान पर ही गैस रिफिलिंग कर मोटी कमाई करते मिले। सरकार जो गैस करीब 45 रुपए प्रति किलो उपलब्ध कराती है, वहीं अवैध रूप से काम कर रहे लोग करीब सौ रुपए किलो में गैस बेच रहे हैं।

बदल देते हैं कम्पनी

गैस सिलेडंर की कम्पनी बदलवाने की भी इन दुकानों पर व्यवस्था है। जब दुकानदार से पूछा कि हमारे पास भारत कम्पनी का गैस सिलेंडर है इसे बदलवाना है। दुकानदार ने पूछा किसी भी कम्पनी का दे देंगे, पांच सौ रुपए लगेंगे।

जोखिम में जान, करें शिकायत

रिहायशी इलाकों में गैस सिलेंडरों का भंडारण करना व अवैध तरीके से गैस ट्रांसफर करना कानूनी अपराध है। इस प्रकार की कोई गतिविधि दिखाई दे तो रसद विभाग व पुलिस प्रशासन को सूचना दी जा सकती है।

एक किलो के 90 रुपए लगेंगे

रामपुरा रोड पर साइकिल की दुकान पर एक व्यक्ति पांच किलो का सिलेंडर लेकर खड़ा था। क्या गैस मिलेगी, इस सवाल पर जवाब मिला, एक किलो के ९० रुपए लगेंगे। फिर बांसुरी लगाकर घरेलू सिलेंडर से गैस भर दी गई।

गैस भरवाने आ रहे थे लोग

रामपुरा रोड पर ही ट्रांसफार्मर के पास बर्तनों की दुकान थी। दुकान में एक पर्दा लगा हुआ था, जिसके पीछे सिलेंडर भरने का काम किया जा रहा था। वहां ८० रुपए किलो से सिलेंडर भरवाने लोग छोटे सिलेंडर ला रहे थे।

पहले हां की फिर मना किया

ठेके वाली गली के पास आटा चक्की की दुकान पर भी छोटे सिलेंडर भरे जाते हैं। दुकानदार ने पहले तो हां कर दी। तब तक वहां रसद विभाग की टीम आने की अफवाह फैल गई। इसके बाद दुकानदार ने मना कर दिया।

एेसे होता है मौत का खेल

पीतल के बांसुरीनुमा पाइप के एक ओर छोटे सिलेंडर के नाप की चूड़ी होती है। दूसरा नुकीला छोर बड़े सिलेंडर के नोजल के नाप का होता है। छोटे में पाइप कसने के बाद बड़े सिलेंडर को पीतल के पाइप पर रखा जाता है। कई बार तो इस प्रक्रिया के दौरान बहुत तेज गैस निकलती है, जिससे बड़ा हादसा होने की आशंका रहती है।

हादसे दर हादसे

अक्टूबर 2017

कानोता में गैस रिसाव, एक बच्चे की मौत

22 फरवरी 2018

महेश नगर के जैतपुरी कॉलोनीं में चार लोग झुलसे

23 मार्च 2018

3 शाहपुरा में गैस रिसाव में सात लोग गंभीर रूप से घायल

19 अप्रेल,2018

विद्याधर नगर में हादसा, एक व्यक्ति घायल, कार टूटी

चार दिन हो गए राख-मलबा तक नहीं उठा, लोग परेशान

किशनपोल बाजार, खूंटेटों का रास्ता में आग की घटना के ४ दिन बाद भी प्रशासन ने राख और मलबा नहीं हटाया है। आसपास के घरों में रह रहे लोगों का जीना मुहाल हो रहा है लेकिन जिम्मेदार बेफिक्र हैं। परेशान लोग सोमवार को नगर निगम आयुक्त से मिले तो भी सीलिंग या जांच की बजाय सिर्फ आश्वासन ही मिला।

सिर्फ फाइल बढ़ी

आग की घटना के बाद अवैध लकड़ी गोदाम संचालक के खिलाफ एक्शन के लिए फाइल आगे बढ़ी, लेकिन हुआ कुछ नहीं। निगम की जांच टीम मौके पर भी नहीं पहुंची। इधर, जिला कलक्टर ने नगर निगम को शहर में जागरुकता अभियान चलाने को कहा है।