
— अमृता ऑनलाइन का वैश्विक विस्तार: 50+ देशों में पहुंचा
अमृता विश्वविद्यालय के ऑनलाइन शिक्षा प्रभाग अमृता ऑनलाइन ने 50 से अधिक देशों में शिक्षार्थियों तक अपनी पहुँच बनाते हुए वैश्विक स्तर पर एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। इसके साथ ही यह भारत के सभी 28 राज्यों में छात्रों तक गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा पहुँचाने में अग्रणी भूमिका निभा रहा है।
इस महत्वपूर्ण उपलब्धि के अवसर पर अमृता ऑनलाइन फ्यूचर स्किल्स कॉन्क्लेव का आयोजन किया गया—एक ऐसा विचार-नेतृत्व मंच, जिसका उद्देश्य आज की उच्च शिक्षा की सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक, यानी शिक्षा और उद्योग की अपेक्षाओं के बीच बढ़ते कौशल अंतर को संबोधित करना था।
तेजी से बदलती तकनीक के इस दौर में, विश्वविद्यालय की चांसलर अम्मा का संदेश और भी प्रासंगिक हो जाता है— “अपने कार्य में निरंतर आगे बढ़ते रहिए। परिवर्तन, बाधाएँ और चुनौतियाँ आएँगी, लेकिन हमें कभी हार नहीं माननी चाहिए।” यह कॉन्क्लेव इसी संदेश को भविष्य की कार्य-संस्कृति तक ले जाने का माध्यम बना— ‘आगे बढ़ते रहो, आगे बढ़ते रहो, आगे बढ़ते रहो!’
उद्योग जगत के विशेषज्ञों ने लिया हिस्सा
इस कॉन्क्लेव में उद्योग जगत के अग्रणी विशेषज्ञों, शिक्षाविदों और शिक्षा क्षेत्र के पेशेवरों ने भाग लिया। चर्चाओं का केंद्र यह रहा कि कैसे तेज़ तकनीकी बदलाव, नए जॉब रोल्स और बदलती कार्यस्थल अपेक्षाएँ युवाओं के लिए आवश्यक कौशल को नए सिरे से परिभाषित कर रही हैं। विशेषज्ञों ने इस बात पर ज़ोर दिया कि आज के नियोक्ता केवल तकनीकी दक्षता ही नहीं, बल्कि अनुकूलन क्षमता, आलोचनात्मक सोच और प्रभावी संवाद जैसे मानवीय कौशल भी चाहते हैं।
पीजी प्रोग्राम्स की डीन डॉ. कृष्णाश्री अच्युतन ने कहा, “अमृता के समग्र पाठ्यक्रम, विविध विशेषज्ञताएँ, नवोन्मेषी शिक्षण पद्धति और मज़बूत मेंटरशिप इसे दुनिया के अग्रणी ऑनलाइन शिक्षा प्रदाताओं में शामिल करती हैं। यह कॉन्क्लेव तेज़ी से बदलती वैश्विक उद्योग आवश्यकताओं के साथ शिक्षा को निरंतर जोड़ने की हमारी प्रतिबद्धता को दोहराता है।”
गुणवत्तापूर्ण शिक्षा भौगोलिक सीमाओं में बंधी नहीं होनी चाहिए
अमृता ऑनलाइन के व्यापक दृष्टिकोण पर बात करते हुए विश्वविद्यालय ने चांसलर अम्मा के इस विश्वास को रेखांकित किया कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा भौगोलिक सीमाओं में बंधी नहीं होनी चाहिए। जहाँ अनुभवी शिक्षक अक्सर सीमित स्थानों तक केंद्रित रहते हैं और दूरदराज़ क्षेत्रों में शिक्षकों की कमी बनी रहती है, वहीं अमृता ने अमृता ऑनलाइन, A-VIEW, ओलैब्स और वर्चुअल लैब्स जैसे तकनीक-आधारित मंचों के माध्यम से बड़े पैमाने पर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराई है। ये बहुभाषी प्लेटफ़ॉर्म भारत सहित अफ्रीका और दक्षिण अमेरिका जैसे क्षेत्रों में 50 से अधिक देशों तक लाखों शिक्षार्थियों तक पहुँच चुके हैं।
विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार डॉ. पी. अजित कुमार ने कहा, “आज अकादमिक जगत की सबसे बड़ी चुनौती केवल ज्ञान प्रदान करना नहीं, बल्कि छात्रों को निरंतर रूप से भविष्य के लिए प्रासंगिक और उद्योग-तैयार बनाना है। वहीं उद्योग की भी ज़िम्मेदारी है कि वह उभरती तकनीकों के साथ स्वयं को लगातार अपडेट रखे। यह अकादमिक-उद्योग सहयोग देश के समग्र विकास में महत्वपूर्ण योगदान देगा।”
कॉन्क्लेव के दौरान पैनल चर्चाएं, अनुभव-साझा सत्र और इंटरैक्टिव संवाद आयोजित किए गए, जिनके माध्यम से छात्रों को विभिन्न उद्योगों में उभरते कौशलों की प्रत्यक्ष जानकारी मिली। इसके अलावा, अमृता ऑनलाइन की नॉलेज कमेटी द्वारा बंद-द्वार विमर्श भी किया गया, जिसमें पाठ्यक्रम को भविष्य की कार्यबल आवश्यकताओं के अनुरूप समृद्ध करने पर गहन चर्चा हुई।
जैसे-जैसे भारत का डिजिटल शिक्षा पारिस्थितिकी तंत्र विकसित हो रहा है, अमृता ऑनलाइन फ्यूचर स्किल्स कॉन्क्लेव जैसे प्रयास यह दर्शाते हैं कि ऑनलाइन विश्वविद्यालय किस प्रकार वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी, समावेशी और कुशल कार्यबल के निर्माण में अहम भूमिका निभा सकते हैं।
Published on:
22 Jan 2026 04:24 pm

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