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जुगाड़ू ड्रोन से ड्रग्स और हथियार भेज रहा पाकिस्तान, सेना खोज रही फुलप्रूफ समाधान

सुरक्षा बलों के जवान सीमा पार से आने वाली ड्रोन की आवाज को लेकर लगातार सतर्क रहते हैं। पाकिस्तान की ओर से भारतीय वायु क्षेत्र में ड्रोन के प्रवेश की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं, इनमें से कई को सुरक्षा बल खदेड़ देते है या मार गिराया जाता है। 3,323 किलोमीटर लंबी भारत-पाकिस्तान सीमा की रक्षा करती बीएसएफ के लिए ड्रोन का पता लगाना भी एक चुनौती बन गया है क्योंकि यह जुगाड़ू ड्रोन होते हैं।

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जयपुर

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Amit Purohit

Jan 23, 2023

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19 जनवरी को राजस्थान के श्रीगंगानगर में भारत-पाक सीमा पर एक ड्रोन पकड़े जाने के बाद दो लोगों को गिरफ्तार किया गया था। बीएसएफ ने करीब 6.150 किलोग्राम हेरोइन जब्त की, जबकि 3 अन्य व्यक्ति फरार होने में सफल रहे। इसके बाद सुरक्षा बलों ने रविवार को भारत-पाकिस्तान अंतर्राष्ट्रीय सीमा के पास पंजाब के अमृतसर में छह पंखों वाला एक ड्रोन मार गिराया और 5 किलोग्राम हेरोइन जब्त की। भागने की कोशिश कर रहे दो लोगों को गिरफ्तार भी किया गया। वहीं, बुधवार को सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) ने गुरदासपुर जिले में एक पाकिस्तानी ड्रोन द्वारा गिराए गए हथियारों की खेप के साथ चीन निर्मित चार पिस्तौलें जब्त कीं।


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पाकिस्तान की ओर से पाकिस्तान से जम्मू और पंजाब में अंतरराष्ट्रीय सीमा पर हथियारों, विस्फोटकों और नशीले पदार्थों के परिवहन के लिए ड्रोन का इस्तेमाल किया जा रहा है। आमतौर पर यह ड्रोन चीन और अमरीका के सामान से बने जुगाड़ वाले ड्रोन होते हैं, जिन्हें पाकिस्तान में असेंबल किया जाता है। ड्रोन कंपनी के नहीं बने होते, इस वजह से राडार और अन्य तकनीकों की नजर से भी बच निकलते हैं। सीमा पार से ड्रोन गतिविधियों का फुल प्रूफ समाधान खोजने में सेना जुटी हुई है।

नए तरीकों का सहारा ले रही सेना:
सुरक्षा बलों ने अब तक मार गिराए गए ड्रोन से विभिन्न एके सीरीज असॉल्ट राइफल, पिस्तौल, एमपी4 कार्बाइन, कार्बाइन मैगजीन, उच्च विस्फोटक ग्रेनेड के साथ-साथ नशीले पदार्थ भी जब्त किए हैं। सुरक्षा एजेंसियों, बीएसएफ के खुफिया इनपुट और जम्मू-कश्मीर पुलिस के अधिकारियों के अनुसार, ड्रोन का इस्तेमाल घाटी और पंजाब में आतंकी अभियानों के वित्तपोषण के लिए अफगान हेरोइन के पैकेट गिराने के लिए भी किया जाता है। इस बढ़ते ड्रोन खतरे से निपटने के लिए भारतीय सेना ने नए तरीकों का सहारा भी ले रही है। पहली बार, भारतीय सेना ने दुश्मन के ड्रोन का शिकार करने के लिए पतंगों को भी तैयार किया है और उन्हें उत्तराखंड के औली में भारत और अमेरिका के संयुक्त प्रशिक्षण अभ्यास युद्ध अभ्यास के दौरान दिखाया गया।

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