23 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

रुलाया पन्ना के बलिदान की गाथा ने

उदयपुर. त्रिदिवसीय अखिल रेल हिन्दी नाट्योत्सव शुरू

less than 1 minute read
Google source verification

image

jitendra saran

Nov 19, 2015

शहर में रंगमंच रसिकों के लिए तीन दिवसीय अखिल रेल हिन्दी नाट्योत्सव बुधवार को शुरू हुआ। इसका आगाज पन्नाधाय के रूप में मीरा सिकदर और बनवीर के रूप में राजेन्द्र श्रीवास्तव के सहज और भावपूर्ण अभिनव से किया गया। मेवाड़ की धरा पर यह उम्दा आगाज दर्शकों के दिलों को छू गया। रेलवे बोर्ड की ओर से यहां क्षेत्रीय रेल प्रशिक्षण संस्थान के सभागार में उत्तर-पश्चिम रेलवे प्रधान कार्यालय जयपुर के राजभाषा अधिकारी व मुख्य कार्मिक अधिकारी कर्णसिंह ने नाट्योत्सव का उद्घाटन किया। समारोह करीब पौन घंटा विलंब से शुरू हुआ लेकिन पूर्वोत्तर रेलवे कर्मियों की पन्नाधाय के बलिदान की पहली दमदार प्रस्तुति ने ही इसकी भरपाई कर दी। इसके बाद चितरंजन रेल कारखाना की 'चार घंटेÓ, पूर्व रेलवे की 'दुखिया की कहानीÓ, डीएमडब्ल्यू की 'पंच परमेश्वरÓ, रेल डिब्बा कारखाना की 'दुर्गाÓ, उत्तर रेलवे की 'रोटीÓ, दक्षिण मध्य रेलवे की 'कथा अंधेर नगरीÓ नाटक प्रस्तुतियों ने देर रात तक दर्शकों को बांधे रखा। गौरतलब है कि रेलवे प्रबंधन प्रतिवर्ष हिन्दी भाषा के प्रयोग-प्रसार में विशेष योगदान के लिए नाट्य समारोह करता है।