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सिखाएं दादा-दादी की इज्जत करना

रिश्तों में अनुभव की छांव की खास अहमियत होती है। लेकिन अफसोस कि आजकल बड़े बुजुर्गों के अनुभवों को तरजीह देना तो दूर उनसे जुड़ाव भी कम ही रखा जाता है। आजकल के बच्चों का दादा-दादी और नाना-नानी से जुड़ाव कम ही देखने को मिलेगा। पेरेंट्स को चाहिए कि वे बच्चों का अपने दादा-दादी की इज्जत करना और उनसे मजबूत जुड़ाव बनाए रखना सिखाएं।

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सिखाएं दादा-दादी की इज्जत करना

सिखाएं दादा-दादी की इज्जत करना

नजरअंदाज न करें
अगर आपको लगता है कि आपका बेटा या बेटी अपने दादा-दादी का अनादर कर रहा है या उनका ध्यान नहीं रख रहा तो इस बात को नजरअंदाज न करें। बच्चों को उनकी गलती का एहसास करांए और बताएं कि इनका आदर करना जरूरी है।

आप आदर्श बनें
आप चाहते हैं कि आपके बच्चे आपके माता-पिता का आदर करें तो जरूरी है कि आप खुद अमल कर उन्हें यह सिखाएं। आप घर में सभी बड़ों का सम्मान करें। उनकी सुनें। उनका खयाल रखें ताकि बच्चा आपको देखकर बड़ों का सम्मान करना सीखें।

भाव करें व्यक्त
पैरेंट्स को चाहिए कि वे अपने माता-पिता के सामने अपनी भावनाओं का इजहार करें। उनके प्रति सच्चा प्यार और सम्मान का इजहार करें। इससे बच्चा भी अपने दादा-दादी के प्रति भावों को व्यक्त करना सीख पाएगा और उनसे लगाव रखेगा।

कहानी सुनाएं
माना आप व्यस्त रहते हैं लेकिन बच्चों को कहानी सुनाना न भूलें। ऐसी कहानियां जो नैतिकता का पाठ पढ़ाती हो। कहानियों की सीख पर चर्चा की जाए और घर परिवार के माहोल से जोड़कर संदेश दिया जाए। बच्चे इनसे अच्छा व्यवहार सीखेंगे।

पूर्वजों के किस्से बताएं
बढ़ते एकल परिवार ने दादा-दादी और पोते-पोतियों के बीच एक बढ़ा फासला बना दिया है। देखा गया है कि आजकल के कई बच्चे अपने दादा-दादी और उनसे पहली पीढ़ी के बारे में अधिक नहीं जानते। आज के पेरेंट्स की यह बड़ी कमी है कि वे अपने बच्चों को अपने दादा-दादी या पूर्वजों के बारे में अधिक जानकारी नहीं देते। पेरेंट्स को चाहिए कि वे अपने पूर्वजों के किस्से अपने बच्चों को बताएं। उनके साहस, उनके संघर्ष और जिंदगी के अहम पहलुओं को बताएं ताकि बच्चों का उनके प्रति सम्मान बढे।

सहयोग के लिए प्रेरित करें
पेरेंट्स को चाहिए कि वे अपने बच्चों को दादा-दादी को समय देने और उनका सहयोग करने के लिए प्रेरित करें। दादा-दादी से जुड़े छोटे मोटे कामों में बच्चों के सहयोग की भावना इस रिश्ते को मजबूती देती है। दादी की पसंदीदा रेसिपी में मदद करना या फिर दादा का गार्डनिंग का शौक है तो उनके साथ लगकर उनकी सहायता करने से बच्चों और दादा-दादी के रिश्ते को मजबूती मिलती है। घर में कई ऐसे छोटे-मोटे मौके आते हैं जब पैरेंट्स अपने बच्चों को इन कामों के लिए प्रेरित कर सकते हैं।

बच्चे दें बधाई
पेरेंट्स अपने बच्चों को सिखाएं कि वे विभिन्न खास मौकों पर अपने दादा-दादी और नाना-नानी को विश करना न भूलें। ये मौके आपसी जुड़ाव और लगाव को मजबूत बनाते हैं। बच्चे अपने दादा-दादी के जन्म दिवस या मैरिज एनीवर्सरी पर बधाई दें या फिर इस खास मौके पर इन्हें गिफ्ट देकर उनका मजबूत सान्निध्य हासिल कर सकते हैं। बच्चों के इस प्यार को अनुभव की छांव मिलती है, जो उनको सुकून देती है।