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माता—पिता और गुरू हारना चाहते है, बाकी दुनिया आपको हराना चाहती है: बालमुकुंदाचार्य

इस दुनिया में सिर्फ माता—पिता और गुरू ही है, जो बच्चों से हारना चाहते है।

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माता—पिता और गुरू हारना चाहते है, बाकी दुनिया आपको हराना चाहती है: बालमुकुंदाचार्य

माता—पिता और गुरू हारना चाहते है, बाकी दुनिया आपको हराना चाहती है: बालमुकुंदाचार्य

जयपुर। इस दुनिया में सिर्फ माता—पिता और गुरू ही है, जो बच्चों से हारना चाहते है। माता—पिता चाहते है कि उनका बच्चा उनसे भी ज्यादा आगे बढ़े। गुरू चाहते है कि उनका बच्चा पढ़ लिखकर दुनियाभर में नाम रोशन करे। इसके अलावा पूरी दुनिया में सभी आपको हराना चाहते है। यह बात गुरुवार को हवामहल विधायक बालमुकुंदाचार्य ने कही। जयपुरिया इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट में अंतर्राष्ट्रीय युवा सम्मेलन 2024 के दौरान आचार्य ने कहा कि हमारा भारत पहले भी विश्वगुरू था और आज भी है। एक भारत ही है जहां सदियों से गुरूकुल की परंपरा रही है। कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि टाटा मोटर्स के पूर्व सीईओ और उपाध्यक्ष रवि कांत रहे।

इस अवसर पर निदेशक डॉ प्रभात पंकज ने सम्मेलन में दुनिया भर से 2000 से अधिक व्यक्तियों की भागीदारी और 150 से अधिक शोध पत्र प्रस्तुत करने पर प्रकाश डाला। इनमें से 40 से अधिक पेपर ब्लूम्सबरी पब्लिशर द्वारा इंडिया एसेंडिंग: द राइज ऑफ ए ग्लोबल प्लेयर नामक संपादित पुस्तक में प्रकाशित हुए थे। सम्मेलन में एक सार और सम्मेलन स्मारिका का अनावरण किया गया।

सत्र में फोर्ब्स 30 अंडर 30 और आकिब वानी डिज़ाइन्स के संस्थापक और कला निर्देशक आकिब वानी ने छात्रों से अपने जुनून को आगे बढ़ाने का आग्रह किया और इस बात पर जोर दिया कि यह कैसे उनके अनुभवों, धारणाओं और दुनिया के साथ बातचीत को आकार देता है। स्टैंड-अप कॉमेडियन हर्ष गुजराल ने यूथ अचीवर सत्र में मंच संभाला और छात्रों को हंसी और लचीलेपन को अपनाने और आत्मविश्वास से जीवन की चुनौतियों का सामना करने के लिए प्रोत्साहित किया। पोस्टर प्रस्तुति प्रतियोगिता भी आयोजित की गई।