10 फ़रवरी 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

एसएमएस स्कूल विवाद में प्रिंसीपल के पक्ष में आए अभिभावक बच्चों के लिए मां जैसी है प्रिंसिपल

एसएमएस स्कूल के अभिभावकों ने जताई चिन्ता

2 min read
Google source verification

जयपुर

image

Jyoti Patel

Jun 18, 2018

sms school

एसएमएस स्कूल विवाद में प्रिंसीपल के पक्ष में आए अभिभावक बच्चों के लिए मां जैसी है प्रिंसिपल

जयपुर. एसएमएस स्कूल में लम्बे समय से विवाद के चलते प्रिंसीपल ही नहीं बल्कि बच्चे भी मानसिक प्रताडऩा के शिकार हो रहे हैं। वहीं, तनावपूर्ण माहौल को लेकर अभिभावक चिंतित हैं। राजस्थान पत्रिका से बातचीत में अभिभावकों ने कहा, प्रिंसीपल बच्चों के लिए मां की तरह है। उन्हें प्रताडि़त किया जा रहा है तो ऐसे माहौल में बच्चे कैसे पढ़ेंगे।

अभिभावक सिप्पी महेंद्रा ने कहा, स्कूल में प्रिंसीपल के साथ गलत बर्ताव किया जा रहा है। यह माहौल स्कूल के लिए ठीक नहीं है। बच्चे कैसे पढ़ाई करेंगे? प्रिंसीपल के पक्ष में मिलकर आवाज उठाएंगे। एक अन्य अभिभावक ने कहा, स्कूल में बच्चों की पढ़ाई की जगह ऐसे विवाद होना गलत है। बच्चे स्कूल में ही सबसे ज्यादा सीखते हैं। वहां बच्चे लड़ाई-झगड़े की बातें सीख रहे हैं।

टीचर्स करते थे प्रिंसीपल के खिलाफ बातें : छात्राएं

स्कूल में सीनियर कक्षा की छात्राओं ने बताया कि लगभग सालभर पहले प्रिंसीपल और प्रबंधन के बीच उपजे तनाव का हमें नहीं पता था। टीचर्स क्लास में आकर प्रिंसीपल के खिलाफ बातें करते थे। पहले टीचर दो फाड़ हुए, फिर बच्चों को ग्रुपों में बांट दिया। जो बच्चे प्रबंधन के पक्ष में टीचर्स के साथ थे, उन्हें दूसरे बच्चे को परेशान करने लगे। प्रिंसीपल के खिलाफ नहीं बोलने पर तंग करते। हमें क्या पता कौन सही है और कौन गलत। लेकिन स्कूल में बहुत कुछ गलत हो रहा है। टीचर्स सुनते नहीं, प्रिंसीपल के पास पावर नहीं है। उनके साथ गलत हो रहा है।

सरकार रिसीवर लगाए

शिक्षाविद व समाजशास्त्री प्रो. राजीव गुप्ता,ने कहा की स्कूल में लम्बे समय से तनावपूर्ण माहौल है। इसका विद्यार्थियों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। प्रिंसीपल ही नहीं बल्कि शिक्षक और बच्चे भी मानसिक प्रताडऩा झेल रहे हैं। दोनों पक्षों की आपसी बातचीत से हल न निकले तो सरकार या सीबीएसई दखल दे। वहां रिसीवर नियुक्त करें।

एसएमएस स्कूल की फाउंडर प्रिंसीपल पी. कावूरी ने कहा की प्रिंसीपल कृष्णा भाटी का बच्चों से जुड़ाव है। स्कूल को ऐसे ही प्रिंसीपल की आवश्यकता है।

वहीं राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग अध्यक्ष मनन चतुर्वेदी ने कहा की आयोग ने स्कूल के लिए जो कमेटी गठित की थी, वह पूरे मामले की जांच कर रही है। कमेटी सोमवार को आयोग की बैठक में अपनी रिपोर्ट देगी। बच्चों के हितों को ध्यान में रखकर निर्णय लिया जाएगा।