गहलोत ने की शांति बनाए रखने की अपील
जयपुर. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के नेतृत्त्व में विभिन्न राजनीतिक दलों व सामाजिक संस्थाओं की ओर से रविवार सुबह 11 बजे राजधानी में शांति मार्च निकाला जाएगा। इसमें मुख्यमंत्री गहलोत झंडा लेकर शामिल होंगे। सर्वधर्म समभाव में विश्वास रखने वाले लोगों से आह्वान किया गया है कि वे मार्च में शामिल होकर संदेश दें कि यह देश संविधान की मूलभावना के आधार पर चलेगा। शांति मार्च अल्बर्ट हॉल से गांधी सर्कल तक निकलेगा। इस दौरान शहर में 14 घंटे इंनटरनेट और छह घंटे मेट्रो बंद रहेगी। मुख्यमंत्री ने प्रदेश में शांति बनाए रखने की अपील की है।
संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) व नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजंस (एनआरसी) के विरोध में शांति मार्च से पहले विभिन्न संगठनों की ओर से सुबह 10 बजे मोतीडूंगरी रोड स्थित मुसाफिरखाना पर सभा का आयोजन होगा। इसके बाद सभी अल्बर्ट हॉल से निकलने वाली रैली में शामिल होंगे। देश में वर्तमान हालातों के मद्देनजर सर्वदलीय एवं सर्वसमाज के इस मार्च में मुख्यमंत्री, उप मुख्यमंत्री सहित सीपीआइ से तारासिंह सिद्धू, डीके छंगाणी, नरेन्द्र आचार्य, सीपीएम से वासुदेव, बलवान पूनिया, जनता दल युनाइटेड से शरद यादव, जनता दल सेक्युलर से अर्जुन देथा, राष्ट्रीय लोकदल से जयंत चौधरी, केके सहारण, आम आदमी पार्टी से रामपाल जाट, सपा से मुकेश यादव, शैलेन्द्र अवस्थी आदि ने शामिल होने की स्वीकृति दी है। प्रदेश के सभी मंत्रियों एवं जनप्रतिनिधियों को भी मार्च में शामिल होने के लिए कहा गया है।
सिविल सोसाइटी से अरुणा राय, कविता श्रीवास्तव, एक्टिविस्ट्स, एनजीओ सहित सर्वधर्म समभाव में विश्वास रखने वाले बुद्धिजीवी वर्ग, सामाजिक संगठन, एडवोकेट, डॉक्टर, शिक्षक, साहित्यकार, कलाकार, संजीदा वर्ग, कर्मचारी संघ, व्यापार मंडल एवं युवा इसमें शामिल हो रहे हैं।
सुबह 6 से रात 8 बजे तक नेटबंदी
विरोध-प्रदर्शन व शांति मार्च के मद्देनजर संभागीय आयुक्त ने संचार कम्पनियों को शहर में सुबह 6 से रात्रि 8 बजे तक इंटरनेट बंद रखने के आदेश दिए हैं। वहीं मेट्रो प्रशासन के अनुसार सुबह 8 से दोपहर 2 बजे तक मेट्रो का संचालन पूरी तरह बंद रहेगा। मेट्रो स्टेशन के गेट भी बंद रहेंगे। हर स्टेशन के बाहर कड़ी सुरक्षा रहेगी। राजापार्क, परकोटे, हसनपुरा व आसपास के इलाकों में शाम 5 बजे तक शराब की दुकानें भी बंद रहेंगी।
संविधान की शपथ लेकर सरकार चला रहे मुख्यमंत्री संसद से पारित कानून के संशोधन को सड़क पर उतर कर चुनौती दे रहे हैं। यह अंबेडकर के बनाए भारत के संविधान का अपमान है।
सतीश पूनिया, अध्यक्ष, प्रदेश भाजपा