
बहुत से फायदे हैं हरे मटर के
मोटापे से बचाव
मटर में प्रचुर मात्रा में फाइबर होता है। इसमें कैलोरी की मात्रा काफी कम होती है। इस वजह से इसके उपयोग से पेट जल्दी भरता है और हमें जल्दी भूख का एहसास भी नहीं होता। इससे ये मोटापे से छुटकारा पाने में मददगार साबित होते हैं।
स्वस्थ हृदय
मटर हमारे हार्ट के लिए भी फायदेमंद होते हैं। हरा मटर कोलेस्ट्रॉल की मात्रा को कम करता है जिससे हमें हृदय संबंधी परेशानी कम होने की आशंका रहती है। हरे मटर को अपने खानपान में शामिल करने पर हमें यह फायदा भी मिलता है।
कब्ज में राहत
हरे मटर खाते रहने से हमें कब्ज संबंधी परेशानी में भी राहत मिलती है। इसकी वजह है इनमें फाइबर की पर्याप्त मात्रा होती है। ये अघुलनशील प्रकार के फाइबर होते हैं। इनसे आंतों की सफाई होती है। कब्ज तथा बवासीर से बचाव होता है।
प्रतिरोधक क्षमता
मटर शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी बढ़ाने का काम करते हैं। मटर में प्रचुर मात्रा में मैग्नीशियम होता है। विशेषज्ञों का मानना है कि मैग्नीशियम शरीर में प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में सहायक सिद्ध होता है। मटर हमें कई रोगों से बचाता है।
गर्भवती के लिए
मटर गर्भवती महिलाओं के लिए भी फायदेमंद माने जाते हैं। मटर गर्भवती महिला के साथ-साथ भ्रूण को भी पर्याप्त पोषण देते हंै। इसके अलावा सामान्य महिलाओं में माहवारी की समस्याओं से छुटकारा दिलाने में मटर फायदेमंद होते हैं।
मजबूत हड्डियां
मटर हड्डियों को भी मजबूती देते हैं। इनमें पाए जाने वाले तत्व जैसे फास्फोरस , कैल्शियम तथा विटामिन के आदि हड्डियों को मजबूती देते हैं। इससे हड्डियों की कमजोरी के कारण होने वाली ऑस्टियोपोरोसिस आदि से बचाव होता है।
निखरी त्वचा
मटर हमारी त्वचा के लिए भी फायदेमंद है। मटर विटामिन-सी का अच्छा स्रोत होता है। एक शोध के अनुसार विटामिन सी में दाग-धब्बे, झाुर्रियां और रूखापन जैसी त्वचा समस्याओं को दूर करने की क्षमता के साथ एंटी-एजिंग प्रभाव भी पाया जाता है।
याद्दाश्त में फायदा
मटर के और भी ढेरों फायदे हैं। हरे मटर हमारी याद्दाश्त को भी मजबूती देते हैंं। अगर आपको कोई घाव है, चोट लग गई है तो आपको हरे मटर से आराम मिल सकता है। जल जाते हैं तो जले हुए स्थान पर हरे मटर का लेप लगाने से आराम मिलता है।
नुकसान भी हैं
मटर से पेट फूलना या गैस बनने की समस्या हो सकती है। ऐसा एक बार में अधिक मात्रा में मटर खाने से हो सकता है। अत: मटर एक बार में कम ही खाएं।
मटर में प्यूरिन नामक तत्व होता है। यह शरीर में यूरिक एसिड की मात्रा बढ़ा सकता है। अधिक यूरिक एसिड गठिया और किडनी से संबंधित बीमारी में नुकसानदेय होता है।
इसमें लेक्टिसिन होता है जो पेट में गैस बना सकता है, पेट को फुला सकता है और अवशोषण
Published on:
16 Dec 2019 05:29 pm

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