केस- 1
समय से एक घंटे पहले भी ऑफिस के लिए निकलने का फायदा नहीं मिला। तकरीबन दो घंटे लेट ऑफिस पहुंच पाया। इस रूट पर जाम लगना आम हो गया है। प्रशासन को तुरंत समाधान करना चाहिए।
राहुल जायसवाल, कर्मचारी, मालवीय नगर
केस- 2
प्रताप नगर से गोविन्ददेव जी के दर्शन के लिए सुबह 9 बजे ये सोचकर निकली थी कि अभी तो दो झांकियां है। दर्शन भी हो जाएंगे और बेटा समय पर ऑफिस भी पहुंच जाएगा। लेकिन जाम में ऐसी फंसी कि ना तो गोविन्द के दर्शन हो पाए और ना ही बेटा समय पर ऑफिस पहुंच सका। ऑटो पकड़कर वापस घर जाना पड़ा।
जगतपुरा पुलिया से झालाना डूंगरी तक लगभग दो किलोमीटर का सफर तय करने में ही दो घंटे लग गए। चालान के लिए मुस्तैद रहने वाले ट्रैफिक पुलिकर्मी भी लोगों की राह को आसान नहीं बना पाए। जाम में फंसी जनता ने जब जाम लगने का कारण पूछा तो वे ना सिर्फ मूकदर्शक बने रहे बल्कि जाम खुलवाने में भी रुचि नहीं दिखाई। पत्रिका रिपोर्टर ने मौके पर पड़ताल की तो पता चला कि बढ़ते ट्रैफिक दबाव के कारण आए दिन इस रूट पर जाम अब आम हो गया है। इस बार बीसलपुर पाइपलाइन बिछाने, सीवर लाइन की रिपेयरिंग और इंटरनेट की अंडरग्राउंड केबल बिछाने के कारण जाम की स्थिति बनी। अब सवाल ये कि जब लाइन बिछाने का कार्य पहले से ही तय था तो क्यों ट्रैफिक पुलिस ने उचित प्रबंधन नहीं किए.? क्यों व्यस्ततम मार्ग पर एक साथ तीन काम शुरू किए गए..?
कहने को करीब 80 फीट सड़क, काम की सिर्फ 20 फीट
झालाना से जगतपुरा के बीच करीब 80 फीट चौड़ी सड़क है। लेकिन इस्तेमाल सिर्फ 20 फीट का हो रहा है। वजह, सब्जी मंडी, वाहनों की पार्किंग, बड़े हिस्से में सड़क किनारे रखे बीसलपुर परियोजना के बड़े-बड़े पाइप और अन्य अस्थायी अतिक्रमण है। खास बात ये है कि इसी सड़क के समानांतर शहर की दो प्रमुख सड़कें जेएलएन मार्ग और टोंक रोड पर तो भारी वाहनों का प्रवेश दिन में निषेध है। लेकिन दिल्ली बाइपास से जुड़ी झालाना वाली सड़क पर दिन-रात धड़ल्ले से भारी वाहनों का आवागमन रहता है।
लिंक रोड जाम, विकल्प देना था काम
ये रूट शहर के जगतपुरा, मालवीय नगर, प्रताप नगर, आगरा रोड समेत कई बड़े इलाकों के बीच सेतु का काम करता है। रोजाना इस रूट से करीब 20 हजार वाहन गुजरते है। इसी सड़क पर दो केन्द्रीय विद्यालय, केन्द्र और राज्य सरकार के दफ्तर, कई बड़े अस्पताल, औद्योगिक क्षेत्र और मोक्ष धाम है। ऐसे में ऑफिस टाइम पर भारी जाम लग जाता है। और गंतव्य पर तय समय पर पहुंचना बड़ी चुनौती बन जाता है। यही वजह है कि इस सड़क पर हादसे भी होते रहते हैं। और भी खास बात ये है कि इस मुख्य मार्ग के एक छोर पर झालाना सांस्थानिक क्षेत्र है तो दूसरे छोर पर जगतपुरा और सीतापुरा के सांस्थानिक और औद्योगिक क्षेत्र है। मगर, जिम्मेदारों को इस रूट से गुजरने वाले लोगों की परवाह ही नहीं है।