दौसा जिलेे की ग्राम पंचायत प्यारीवास में बनी तलाइयों के सिंघाड़े की मिठास दौसा, जयपुर व दूर—दराज तक पहुंच रही है। इससे किसान को भी एक से डेढ़ लाख का मुनाफा प्रति वर्ष हो रहा है।
संतोष शर्मा— नांगल—राजावतान
दो लाख की लागत से सिंघाड़े की फसल
प्यारीवास व रामथला तलाई में बारिश के पानी की अच्छी आवक होने से किसान कालूराम कीर ने दो लाख की लागत से सिंघाड़े की फ सल की है। किसान प्रतिदिन छह क्विंटल सिंघाड़े तोड़कर बाजार में बेच रहा है। उसे प्रतिवर्ष एक से डेढ़ लाख की कमाई हो जाती है। इस वर्ष किसान को करीब दो से ढाई लाख कमाई होने की उम्मीद है
तीस हजार रुपए तक की आय
ग्राम पंचायत को किसान से प्रति वर्ष दो तलाईयों के करीब 20 से 30 हजार रुपए की आय मिल रही है। इससे सरकारी खजाने की आय भी बढ़ रही है।
मिल रहा रोजगार
किसान कालूराम ने बताया कि सिंघाड़े की फ सल को तोडने के लिए प्रतिदिन 20 मजदूरों की आवश्यकता होती है। एक व्यक्ति 300 से 400 रुपए मजदूरी लेता है। इससे स्थानीय लोगों को रोजगार मिल जाता है।
यूपी से लाया पौध
किसान कालूराम ने बताया कि अगस्त माह में यूपी के नोखेड़ से 80 हजार की सिंघाड़े की पौध लाया था। लट व गलन के रोगों से फ सल को बचाने के लिए उसकी देख-रेख कर रहा है। साथ ही वह कुछ हिस्से में सिंघाड़ेे की तुडवाई नहीं कर नवम्बर में फ सल पकने के बाद बीज के लिए सिंघाड़े तोडकर उन्हें अधिक दामों में बेचता है।