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लोगों को लगता है ‘मॉडल’ का एक्ट्रेस बनना आसान है- आयशा

जियो सिनेमा पर स्ट्रीम हो रही सीरीज इंस्पेक्टर अविनाश में नजर आई आयशा एस ऐमन अपनी दमदार एक्टिंग से दर्शकों को भा गई हैं। लोगों को उनकी एक्टिंग और उनका अंदाज काफी पसंद आर रहा है। मुंबई से पत्रिका के साथ खास टेलीफोनिक बातचीत में उन्होंने अपने अनुभव, संघर्ष औऱ सफलता के बारे में चर्चा की।

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जयपुर

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Divita Singh

Jun 27, 2023

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1. आपने अपने कैरियर की शुरूआत कैसे की?
इंडस्ट्री में कदम रखते समय मैनें कई एक्टिंग वर्कशॉप्स में भाग लिया, पहला ब्रेक मिलने से पहले बहुत सारे ऑडीशन भी दिए। इंडस्ट्री में मेरे कोई गॉडफादर तो हैं नहीं इसीलिए अपनी पहचान बनाने के लिए खुद ही मेहनत की।

2. अपनी मॉडलिंग की फील्ड से एक दम से एक्टिंग फील्ड में आना आपके लिए कितना चुनौतीपूर्ण रहा?
मॉडलिंग से एक्टिंग फील्ड में आना आसान नहीं था। लोगों को लगता है कि एक मॉडल का एक्ट्रेस बनना बहुत आसान होता है पर ऐसा बिल्कुल नहीं है। ये किसी आम लड़की के फिल्म इंडस्ट्री में करियर बनाने जितना ही मुश्किल है। मैंने ब्यूटी पेजेंट में मॉडलिंग की जहां मुझे टोक्यो में मिस इंटरनेशनल में भारत का प्रतिनिधित्व करने और मिस इंडिया इंटरनेशनल का खिताब जीतने जैसी सफलताएं मिली। इसके बाद में कई तरह के शोज में गेस्ट बनकर जाने लगी, लेकिन एक समय के बाद मुझे अहसास हुआ कि इसके बाद क्या? तब मैनें एक्टिंग वर्कशॉप लेना शुरू किया, जिसके काफी समय बाद मुझे काम मिलना शुरू हुआ। कहीं न कहीं एक्टिंग में करियर बनाना मेरा बचपन का एक सपना था।

4. सीरीज इंस्पेक्टर अविनाश में काम करते समय अपने क्या खास तैयारी की?
अपनी लाइफ के सबसे खराब समय के बाद मुझे इंस्पेक्टर अविनाश में काम मिला और मैंने बिलकुल दृढ़ निश्चय कर लिया कि इस किरदार में मुझे अपना 100 प्रतिशत देना है। मेरे किरदार यानी नंदिनी को निभाने के लिए मैंने शुरूआत कई अलग - अलग किताबें पढ़ने से की। कई पॉलिटिकल महिलाओं और महारानिओं की बायोग्राफी भी पढ़ी। उनके हाव-भाव सीखे और कई फिल्में भी देखकर उनके रहन-सहन के तरीके को अपनाया। इसके अलावा योगा ने मेरी बहुत मदद की।

5. एक्टर रणदीप हुड्डा और डायरेक्टर नीरज पाठक के साथ काम करने का आपका अनुभव कैसा रहा ?
ईट वाज ग्रेट! दोनों के साथ काम करने का बहुत ही शानदार अनुभव था। नीरज सर और रणदीप दोनों ने मुझे काफी गाइड किया। सारे क्रू मेंबर्स काफी सहयोगी थे। रणदीप को एक्टिंग करते देखकर ही मुझे कई जगह बहुत कुछ सीखने को मिला। अपने किरदार को कैसे अपनाया जाता है यह मैंने रणदीप से सीखा। मुझे ऐसा लगता है कि ये किरदार और ये सीरीज मेरी लाइफ की सबसे अच्छी फिल्मों में से एक होगी। मैं आपके अखबार के माध्यम से नीरज सर और पूरी टीम का शुक्रिया कहना चाहती हूँ कि उन्होंने मुझे इस किरदार के काबिल समझा।

6. आप उन युवाओं को कुछ मैसेज देना चाहेंगी जो फिल्म इंडस्ट्री में आने के अपने सपने के लिए मेहनत कर रहे हैं ?
हाँ जरूर। मैं उन सब से यही कहूंगी कि कुछ भी हो जाए हमेशा संयम से काम लेना और मेहनत करते रहना। एक दिन जरूर आप भी परदे पर आएंगे। फिल्म इंडस्ट्री जितनी मेहनत मांगती है, यहां उतने ही संयम की जरुरत भी होती है। इसके अलावा एक अच्छी दिनचर्या बनाकर उस के हिसाब से काम करना भी आपको कामयाबी दिला सकता है।


7. फिल्म इंडस्ट्री में आए दिन किसी न किसी फिल्म पर कंट्रोवर्सी हो ही जाती हैं। आपके हिसाब से इन कंट्रोवर्सी का फिल्म की टीम और कास्ट पर क्या असर पड़ता है ?
मेरे हिसाब से कंट्रोवर्सी एक ऐसी चीज हैं जिसके बिना फिल्म इंडस्ट्री अधूरी है। फिल्म इंडस्ट्री में हर हफ्ते नई फिल्में रिलीज होती हैं, जिनमें से कम से कम एक फिल्म पर कोई न कोई कंट्रोवर्सी जरूर होती है। इन कंट्रोवर्सी का समाज के साथ साथ एक एक्टर पर भी असर पड़ता है। मेरा मानना ये है कि हर किसी व्यक्ति की अपनी अलग सोच होती है जिसके कारण एक नहीं तो दूसरी मूवी में उसे कोई कमी दिख ही जाती है और फिल्म इंडस्ट्री का क्या है इसमें कंट्रोवर्सी कल थी, आज है और कल भी रहेगी। लेकिन अगर फिल्म का कंटेंट अच्छा है तो फिल्म कंट्रोवर्सी के बाद भी चल जाएगी और अगर कंटेंट खराब है तो कंट्रोवर्सी का उस पर कोई असर नहीं पड़ेगा।