
- मनीष शर्मा
जयपुर। कुछ दिन पहले जब मेरे एक मित्र ने पेट्रोल पंप पर डीजल भरवाने के लिए कार रोकी तो मीटर देखकर, उसने हैरत भरे अंदाज में कहा, 'थैंक गॉड', डीजल 73 रु. हो गया। कुछ ऐसा ही भाव पिछले कुछ दिनों में जब आप petrol-diesel लेने गए होंगे तो जरूर रहा होगा। मन ही मन शुक्रिया अदा किया होगा। पर असल में आपको जिसका शुक्रिया अदा करना चाहिए वह है - चुनाव। पत्रिका आज आपके सामने वो तमाम तथ्य उजागर करने जा रहा है, जिससे तेल के पीछे चुनावी ‘खेल’ की कहानी बयां होती है। हमने क्रूड के भाव और Petrol-Diesel की खुदरा कीमत के संबंधों की पड़ताल की। इसमें साफ हो गया कि चुनाव से पहले जब-जब क्रूड नीचे रहा, पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ते रहे। पर चुनाव में क्रूड ऊपर गया तो भी पेट्रोल-डीजल के दाम कम होने लगे।
आंकड़ों की जुबानी, तेल की कहानी
चुनाव आया, थोड़ी राहत लाया (Rajasthan Election 2018)
यह कोई पहली बार नहीं है, जब चुनावों में उपभोक्ताओं की जेब पर पेट्रोल-डीजल की कीमत की मार थोड़ी कम पड़ रही है। इससे पहले इस साल अप्रेल-मई में कर्नाटक विधानसभा चुनाव के दौरान तो पिछले साल दिसंबर माह में गुजरात चुनाव के दौरान जनता को कम एवं स्थिर कीमतों के कारण थोड़े दिन की राहत मिली थी। गुजरात चुनाव में 01 दिसंबर 2017 से 14 दिसंबर 2017 यानी 13 दिन तक क्रूड के दाम बढऩे के बावजूद कीमतें कम हुईं। वहीं, कर्नाटक में 24 अप्रेल 2018 से 14 मई 2018 तक अंतराष्ट्रीय बाजार में क्रूड के भाव तो ऊपर गए लेकिन पेट्रोल-डीजल के दाम जस के तस रहे।
राजस्थान में चुनावी माह में गिरी कीमतें
नवंबर-18 --- पेट्रोल - डीजल - क्रूड
09 - ---------78.57 - 75.50 - 69.07
12 -----------78.08 - 74.62 - 70.41
14 --------- --77.95 - 74.50 - 64.64
15 -------- --77.80 - 74.39 - 65.60
19 -------- --77.05 - 73.69 - 65.88
Published on:
27 Nov 2018 10:12 am
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