
जयपुर।
जलदाय सचिव डॉ समित शर्मा के आदेश पर शनिवार से जलदाय कार्यालयों में दो दिवसीय सफाई अभियान शुरू हुआ। जयपुर में डाॅ शर्मा सुबह 10 बजे जल भवन पहुंचे और पूरे जल भवन में सफाई अभियान शुरू कराया और मुख्य अभियंता स्तर के सभी अधिकारियों,कार्मिकों के कमरों,परिसर में अलग अलग कमरों में भरी रददी और कबाड़ को हटवाया। डॉ शर्मा ने परिसर में कार्मिकों के साथ सूखे पेड़ को अपने कंधे पर रख कर दूसरी जगह रखवाया। उन्होंने कहा कि अधिकारी और कर्मचारी जहां प्रतिदिन आठ से दस घंटे बैठ कर काम करते हैं वहां गंदगी किसी भी सूरत में नहीं होनी चाहिए। साफ सुथरे कार्यालय में काम करने से सकारात्मकता बढ़ती है। डॉ शर्मा ने कहा कि सफाई अभियान पूरा होने के बाद इस सप्ताह से जयपुर शहर और अन्य जिलों में चल रहे पेयजल प्रोजेक्ट्स की साइट का दौरा करेंगे। सफाई अभियान रविवार को भी जारी रहेगा।
डॉ. शर्मा ने कहा कि सभी 50 जिलों के जिला प्रभारी नियुक्त किए गए हैं। ये प्रभारी भी इसी माह फील्ड विजिट शुरू करेंगे।
पीएचईडी सचिव ने कहा कि कार्य स्थलों को सुव्यवस्थित करने के लिए विश्व भर में प्रचलित 5 S एक सफल जापानी प्रणाली है ताकि अधिकारी एवं कार्मिक राजकार्य कुशलतापूर्वक, प्रभावी ढंग से और सर्वोच्च परिणाम के साथ करते हुए देश के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान दे सकें।
कार्य स्थलों का उपयोग अधिक कुशलतापूर्वक एवं प्रभावी ढंग से करने की इस प्रणाली के तहत 5 एस पांच जापानी शब्दों से आया है जो निम्न प्रकार है -
1. Sort (छांटना)
2. Set in Order (क्रमवार करना)
3. Shine (चमक)
4. Standardize (मानकीकरण)
5. Sustain (बनाए रखना)
इनमें से आगामी तीन दिन में पीएचईड़ी दफ्तरों में शुरू के दो बिंदुओं पर कार्य होगा -
1. सोर्ट (सीरी) - कार्यस्थल से अनावश्यक उपकरण और नाकारा सामग्री को निकालना। जो सामग्री कार्य हेतु आवश्यक है, सिर्फ उसे ही रखना।
2. सेट इन ऑर्डर (सीटन) ध्यान से उन फर्नीचर, फाइल, अन्य आवश्यक वस्तुओं और उपकरणों को सुव्यवस्थित करना जो उपयुक्त एवं उपयोगी हैं। जिससे कार्य स्थलों का उपयोग अधिक कुशलता पूर्वक और प्रभावी ढंग से किया जा सकता है
Published on:
03 Feb 2024 08:40 pm
