
जयपुर। कला, संस्कृति, इतिहास, भूगोल व समसामयिक तथ्यों के विविध रंगों का एक संपूर्ण रूप अगर देखने को मिलता है तो वो है राजस्थान। विविध रंगों से रंगा राजस्थान पूरे देश में अपनी अलग ही पहचान रखता है। राजस्थान को यहां के मेले और त्यौहार ही अद्भुत बनाते हैं। अगर इन दिनों की बात की जाए तो यहां आजकल होली की तैयारियों में पूरा प्रदेश रंगा हुआ है। फिलहाल होली का असली रंग चढ़ना अभी बाकी है लेकिन इन दिनों राजस्थान में जगह-जगह फागोत्सव की धूम है।

- राजधानी में गोविंद के दरबार से लेकर बीकानेर के व्यास चौक तक इन दिनों खास बात है तो वो है यहां की फूलों की होली की।

सोमवार को बीकानेर में मंच पर राधा-कृष्ण की फूलों की होली की झांकी सजी। झांकी ऐसी की हर कोई देख मोहित हो जाए।

- बृज में चल रही होली की धूम सोमवार को भगवान श्री कृष्ण की क्रीड़ा स्थली गोकुल धाम पहुंची। नन्दभवन से श्रीकृष्ण व बलराम की झांकी के स्वरूप निकले। लठमार होली के बाद रंग और गुलाल की होली हुई जिसके बाद पुरा माहौल कृष्णमय हो गया।

- वहीं होली से पहले देश भक्ति के रंग में रंगा राजस्थान का ही एक सरकारी स्कूल...पिछले कुछ सालों में जिलेभर के सरकारी स्कूलों का स्वरूप बदला है किसी को ट्रेन तो किसी को हवाई जहाज का रूप दिया गया है। सर्व शिक्षा अभियान और निजी संस्थाओं द्वारा स्कूलों में कई नवाचार किए जा रहे है इसी कड़ी में बिजवाड़ नरूका स्थितन सरकारी स्कूल को राष्ट्रभक्ति के प्रतीक तिरंगे के रंगों से सुसज्जित किया गया है। ऐसे में स्कूल का स्वरूप कुछ अलग ही निखर कर आया है और यहां बड़ी संख्या में स्कूल के बदले हुए स्वरूप को देखने के लिए लोग पहुंच रहे हैं।

- मजदूर मां और मासूम बेटे। सोमवार को मजदूरी पर निकले। यहां धूप तीखी लगने लगी तो बच्चे ठेले के नीचे बैठ गए। मां और बेटा एक दूसरे को देखकर ऐसे हंस रहे थे जैसे मानो इनके जीवन की सारी खुशियां एकपल में समाहित थी। बाजार में होली का पर्व के रंग बिखरे हुए है लेकिन मां और बच्चों के प्यार के इस रंग के सामने सारे रंग फीके नजर आए।