
मंडरायल. श्रावण मास शुरू होते ही क्षेत्र में कावड़ यात्रा की गूंज सुनाई देने लगी है। इलाके से श्रद्धालुओं के जत्थे गंगोत्री से कावड़ भरने के लिए रवाना हो चुके हैं, जबकि कई श्रद्धालु शीघ्र ही सोरोंजी से गंगाजल लेने के लिए प्रस्थान करेंगे। क्षेत्र में वर्षों से कावड़ यात्रा की परंपरा चली आ रही है।
श्रद्धालु हरिद्वार, गंगोत्री, यमुनोत्री, सोरोंजी सहित विभिन्न तीर्थस्थलों से गंगाजल लाकर पूरी श्रद्धा और पवित्रता के साथ नंगे पैर पैदल यात्रा करते हैं। इसके बाद वीरखो की खोह स्थित शिवलिंग पर जलाभिषेक कर सुख-समृद्धि और मनोकामना पूर्ण होने की प्रार्थना करते हैं।
इसी क्रम में रोधई गांव से करीब दो दर्जन श्रद्धालुओं का जत्था 19 जुलाई को गंगोत्री के लिए रवाना हुआ। ग्रामीणों ने बताया कि 21 जुलाई को श्रद्धालुओं ने गंगोत्री में पवित्र स्नान कर विधि-विधान से गंगाजल भरा तथा विशेष पूजा-अर्चना के बाद पैदल यात्रा शुरू की। यह जत्था करीब तीन सप्ताह की यात्रा पूरी कर श्रावण मास की शिवरात्रि पर वीरखो की खोह स्थित शिवलिंग पर गंगाजल अर्पित करेगा।
फोटो कैप्शन. मंडरायल. कावड़ यात्रा में शामिल श्रद्धालु।
Updated on:
26 Jul 2026 06:01 am
Published on:
26 Jul 2026 06:01 am
