मीना ने कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा वर्ष 2015-16 के बाद से किसी भी परियोजना को राष्ट्रीय परियोजना घोषित नहीं किया गया है। लेकिन एनपीपी (राष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य योजना) का प्रोजेक्ट होने के कारण अब केन्द्र सरकार संशोधित पीकेसी लिंक योजना (ईआरसीपी के साथ एकीकृत) के लिए 90 प्रतिशत अंशदान देगी, जिससे राज्य सरकार को कम आर्थिक भार वहन करना पड़ेगा। योजना के मूर्त रूप लेने से राज्य को 3378 एमसीएम (मिलियन क्यूबिक मीटर) पानी उपलब्ध होगा। इसमें पेयजल, सिंचाई, उद्योग तथा बांधों के भराव आदि के लिए 2930 एमसीएम तथा धौलपुर लिफ्ट परियोजना के लिए 448 एमसीएम पानी का प्रावधान किया जाएगा।