त्याग और तपस्या का दूसरा नाम है किसान । वह जीवन भर मिट्टी से सोना उत्पन्न करने की तपस्या करता रहता है । तपती धूप, कड़ाके की ठंड तथा मूसलाधार बारिश भी उसकी इस साधना को तो? नहीं पाते । एक कहावत है कि भारत की आत्मा किसान है जो गांवों में निवास करते हैं । किसान हमें खाद्यान्न देने के अलावा भारतीय संस्कृति और सभ्यता को भी सहेज कर रखे हुए हैं । यही कारण है कि शहरों की अपेक्षा गांवों में भारतीय संस्कृति और सभ्यता अधिक देखने को मिलती है । किसान की कृषि ही शक्ति है और यही उसकी भक्ति है ।
किसानों के लिए सरकार ने कई योजनाएं चला रखी हैं जिससे उनका जीवन भी अन्य लोगों की तरह सुगम हो सके। इन योजनाओं में से एक है पीएम किसान सम्मान निधि योजना। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत किसानों को हर साल 6 हजार रुपए की आर्थिक मदद दी जाती है। ये राशि उनके खाते में हर चार.चार महीने के अंतराल पर दो.दो हजार रुपएकरके तीन किस्तों में भेजी जाती है।
82.02 लाख किसानों ने किया पंजीकरण
राजस्थान के 77.50 लाख किसानों को पीएम किसान सम्मान निधि योजना में विभिन्न किश्तों में अब तक 13614.63 करोड़ राशि जारी की गई हैं। योजना में 82.02 लाख किसानों ने पंजीयन कराया गया हैए जिनमें से 77.50 लाख किसानों को केंद्र सरकार की ओर से वर्तमान में सक्रिय लाभार्थियों की वास्तविक पात्रता की जांच के लिए भूमि विवरण सत्यापन और ई.केवाईसी कराने के लिए निर्देशित किया गया है।
63.14 फीसदी किसानों ने करवाई ई.केवाईसी
जानकारी के मुताबिक इस योजना के तहत पात्र किसानों में से राज्य में अब तक 63.14 प्रतिशत किसानों ने अपनी ई.केवाईसी करवाई है लेकिन शेष किसान अभी ई.केवाईसी नहीं करवा सके हैं। ऐसे में विभाग ने उन्हें एक और मौका देने का निर्णय लिया है जिससे उन्हें इस योजना का लाभ मिल सकें और इन किसानों को विभाग ने दिसंबर तक का समय दिया है।
ई-केवाईसी के अभाव में किश्त का लाभ किसान को नहीं मिल पाएगा
पीएम किसान सम्मान निधि योजना का लाभ केवल उन पात्र किसानों को मिल सकेगा जो दिसंबर तक अपनी ई.केवाईसी करवा लेंगे। यदि किसान ई.केवाईसी नहीं करवा पाए तो उन्हें योजना की किश्त का फायदा नहीं मिल सकेगा। सहकारिता विभाग ने इस संबंध में निर्देश जारी कर दिए हैं। केंद्र सरकार किसानों की पीएम किसान सम्मान निधि योजना की आगामी किश्तें किसानों के आधार आधारित बैंक खातों में भेजेगीइसके लिए लाभार्थी किसानों को ई. केवाईसी करवाना जरूरी किया गया है।