उच्च अधिकारियों की ओर से नियमों की व्याख्या नहीं की गई। हमने स्कूल स्तर पर ही नियम की व्याख्या कराई तो सामने आया है कि बीएड वालों को नियमानुसार प्राइमरी कक्षा के लिए अयोग्य माना गया है। इसी आधार पर हमने उच्च योग्यता वालों को अपात्र माना है।
- राघवेंद्र लालसंतानियां, प्रिंसिपल, केन्द्रीय विद्यालयक्रमांक नंबर पांच