पोखरण द्वितीय परीक्षण के 25 साल पूरे होने पर विज्ञान प्रदर्शनी का आयोजन हुआ। प्रदर्शनी का आयोजन जयपुर स्थित राजकीय रामचंद्र खैतान पॉलिटेक्निक कॉलेज में किया गया। एन सी सी निदेशालय और जयपुर ग्रुप के साथ एयर स्क्वाड्रन एन सी सी की ओर प्रदर्शनी आयोजित की गई। प्रदर्शनी में एन सी सी जयपुर की सभी बटालियन के आर्मी, एयर, नेवी विंग के जूनियर और सीनियर डिवीजन के कैडेट्स ने परमाणु ऊर्जा संयंत्र के मॉडल बनाकर प्रदर्शित किया। साथ ही परमाणु ऊर्जा विषय पर कैडेट्स की ओर से प्रस्तुतियां व पैनल चर्चा आयोजित हुई।
पोखरण द्वितीय परीक्षण के 25 साल पूरे होने पर विज्ञान प्रदर्शनी का आयोजन हुआ। प्रदर्शनी का आयोजन जयपुर स्थित राजकीय रामचंद्र खैतान पॉलिटेक्निक कॉलेज में किया गया। एन सी सी निदेशालय और जयपुर ग्रुप के साथ एयर स्क्वाड्रन एन सी सी की ओर प्रदर्शनी आयोजित की गई। प्रदर्शनी में एन सी सी जयपुर की सभी बटालियन के आर्मी, एयर, नेवी विंग के जूनियर और सीनियर डिवीजन के कैडेट्स ने परमाणु ऊर्जा संयंत्र के मॉडल बनाकर प्रदर्शित किया। साथ ही परमाणु ऊर्जा विषय पर कैडेट्स की ओर से प्रस्तुतियां व पैनल चर्चा आयोजित हुई।
प्रदर्शनी का निरीक्षण प्रथम राजस्थान एयर स्क्वाड्रन एनसीसी के कमान अधिकारी ग्रुप कैप्टन नीरज अंबा ने किया। कार्यक्रम में नेंवी के कमांडर प्रशांत कुमार सहित अन्य एनसीसी अधिकारी, आर्मी ,एयर, नेवी के 300 कैडेट्स और स्टाफ ने भाग लिया।
इस अवसर पर अंबा ने कहा कि 11 मई 1998 को भारत में राजस्थान राज्य के पोखरण परीक्षण रेंज में अपना दूसरा परमाणु परीक्षण हुआ था, जिसका कोड नाम ऑपरेशन शक्ति था। जो कि भारत के लिए मील का पत्थर साबित हुआ।