
Jaipur News : आपका मोबाइल लुटेरे छीन ले जाएं या चोरी हो जाए...तो उसके वापस मिलने की उम्मीद न के बराबर है। पुलिस थानों की कार्यशैली से लुटेरों का दुस्साहस बढ़ रहा है। कमिश्नरेट में मोबाइल लूट व चोरी की घटनाओं की एक रिपोर्ट सामने आई है, जिसमें 1 से 27 जनवरी तक शहर में मोबाइल स्नैचिंग की 74 वारदात हुई, लेकिन पुलिस ने मोबाइल लूट या चोरी होने की पांच एफआइआर ही दर्ज की। इतना ही नहीं थाना पुलिस ने एक भी परिवाद दर्ज नहीं किया। पुलिस ने अधिकांश मामले में गुमशुदगी ही दर्ज कर इतिश्री कर ली। यही कारण है कि शहर में मोबाइल और चेन स्नैचिंग वारदात थम नहीं रही है। सूत्रों के मुताबिक स्नैचिंग का यह आंकड़ा फरवरी में 200 तक पहुंच गया।
प्रताप नगर निवासी नरेश पारीक का मोबाइल 26 जनवरी को हल्दीघाटी मार्ग से लुटेरे छीन ले गए। परिवादी थाने पर लूट की रिपोर्ट दर्ज कराने गया, लेकिन पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज की।
विद्युत नगर निवासी प्रांजल 25 जनवरी को मोती डूंगरी गणेश मंदिर में दर्शन करने आए। मंदिर के बाहर व अंदर काफी भीड़ थी। किसी ने उनकी जेब में रखा मोबाइल निकाल लिया। मोबाइल चोरी होने का पता चलने पर मोती डूंगरी थाने पहुंचे, जहां पर पुलिस ने पहले से प्रिंट किया हुआ गुमशुदगी का परर्फोमा पकड़ा दिया। चोरी की बजाय गुमशुदगी दर्ज कर ली।
अजमेर रोड 200 फीट चौराहा से बाइक सवार दो लुटेरे 23 सितम्बर 2023 को मितुल जैन का हाथ से मोबाइल छिन ले गए थे। परिवादी करणी विहार थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाने पहुंचा, जहां से उसे श्याम नगर थाने भेज दिया। श्याम नगर थाने में पहुुचने पर पुलिस ने उसकी गुमशुदगी दर्ज कर ली। लेकिन आज तक मोबाइल तलाशने का प्रयास तक नहीं किया गया।
यह भी गौर करने वाली बात है कि प्रदेश में कई जिला पुलिस ने चोरी-लूट के बड़ी संख्या में मोबाइल बरामद करके पीड़ित लोगों को लौटाए। लेकिन ये मोबाइल जिनसे बरामद किए, उन्हें कभी गिरफ्तार नहीं किया। ऐसे में मोबाइल चोरी व लूट करने और इन्हें खरीदने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई नहीं होने से वे लगातार एक के बाद एक वारदात कर रहे हैं।
Published on:
2 Mar 2024, 10:39 AM IST
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