
दो महीने से अधिक समय बीता, अब तक नहीं मिला भुगतान
9 हजार मानदेय और 600 रुपए प्रशिक्षण भत्ता देने की मांग
देवली. नगर पालिका देवली क्षेत्र में जनगणना-2027 के प्रथम चरण में मकान सूचीकरण एवं मकान गणना का कार्य करने वाले प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों ने बकाया मानदेय और प्रशिक्षण भत्ते के भुगतान की मांग को लेकर सोमवार को जिला कलेक्टर टोंक के नाम उपखंड अधिकारी को ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन देने पहुंचे कार्मिकों ने बताया कि नगर पालिका के आदेशानुसार उन्होंने 16 मई से 14 जून तक भीषण गर्मी में घर-घर जाकर जनगणना के प्रथम चरण का कार्य निर्धारित समय सीमा में पूरा किया था। कार्य पूर्ण हुए दो महीने से अधिक समय बीतने के बावजूद अब तक मानदेय का भुगतान नहीं किया गया है।
कार्मिकों ने बताया कि राजस्थान सरकार के सांख्यिकी विभाग की ओर से 23 जुलाई को जारी परिपत्र के अनुसार प्रत्येक कार्मिक को 9 हजार रुपए मानदेय एवं 600 रुपए प्रशिक्षण भत्ता दिया जाना है। कार्मिकों का कहना है कि इसके लिए बजट जिलों एवं नगर निकायों के बैंक खातों में हस्तांतरित किया जा चुका है तथा पीएफएमएस के माध्यम से शीघ्र भुगतान के निर्देश भी दिए गए हैं। इसके बावजूद स्थानीय स्तर पर भुगतान प्रक्रिया लंबित होने से कार्मिकों में नाराजगी है।
ज्ञापन में प्रशासन एवं चार्ज अधिकारी (ईओ) से जनगणना कार्य में लगे सभी प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों की उपस्थिति प्रमाणित कर बकाया मानदेय और प्रशिक्षण भत्ते की राशि जल्द उनके बैंक खातों में हस्तांतरित करने की मांग की गई। इस दौरान अमित पांचाल, शिवचरण सैनी, मोहनलाल, ओमप्रकाश वर्मा, रामगोपाल मीणा, नोरत मल मीणा, राजकुमार शर्मा सहित अन्य कार्मिक मौजूद रहे।
देवली. जनगणना कार्य का बकाया मानदेय दिलाने की मांग को लेकर कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपते प्रगणक एवं पर्यवेक्षक।
Updated on:
18 Aug 2026 06:01 am
Published on:
18 Aug 2026 06:01 am
