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संस्कृत स्कूलों में खुलेगा रोजगार का द्वार, गैस्ट फैकल्टी भर्ती की तैयारी शुरू

जयपुर

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Newsdesk

Aug 29, 2026

Rajasthan

विद्या संबल योजना के तहत रिक्त पद भरने की प्रक्रिया तेज
29 अगस्त तक मांगे प्रस्ताव
बोर्ड कक्षाओं और शिक्षकविहीन स्कूलों को मिलेगी प्राथमिकता

दौसा/जयपुर। राजस्थान के संस्कृत शिक्षा विभाग ने बेरोजगार युवाओं और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए रोजगार का बड़ा अवसर खोल दिया है। विभाग ने विद्या संबल योजना के तहत राजकीय संस्कृत विद्यालयों में रिक्त पड़े शिक्षकों के पदों पर गैस्ट फैकल्टी नियुक्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इससे एक ओर वर्षों से शिक्षक कमी से जूझ रहे संस्कृत विद्यालयों में पढ़ाई को गति मिलेगी, वहीं पात्र युवाओं को अपने क्षेत्र में अध्यापन का अवसर भी मिलेगा। निदेशालय संस्कृत शिक्षा, जयपुर की ओर से सभी संभागीय अधिकारियों को निर्देश जारी कर विद्यालयों से रिक्त पदों के प्रस्ताव मांगे गए हैं। विभाग नामांकन और उपलब्ध शिक्षकों के आधार पर वास्तविक रिक्तियां तय करेगा। 29 अगस्त 2026 तक प्रस्ताव मिलने के बाद स्वीकृत पदों पर भर्ती प्रक्रिया और आवेदन संबंधी दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे।
विभाग ने स्पष्ट किया है कि बोर्ड कक्षाओं, शिक्षकविहीन विद्यालयों और एकल-शिक्षक स्कूलों के रिक्त पदों को प्राथमिकता दी जाएगी, ताकि विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो और समय पर पाठ्यक्रम पूरा कराया जा सके। महाविद्यालय एवं तकनीकी संस्थानों में सहायक आचार्य को ₹45,000, सह आचार्य को ₹52,000 और आचार्य को अधिकतम 60,000 रुपए तक मानदेय निर्धारित है।

किसे कितनी मिलेगी सैलरी?
पद प्रति घंटा अधिकतम मासिक
ग्रेड-III (कक्षा 1-8) 300 -21,000
ग्रेड-II (कक्षा 9-10) 350 - 25,000
ग्रेड-I (कक्षा 11-12) 400 - 30,000
अनुदेशक 300 - 21,000
प्रयोगशाला सहायक रुपए300 रुपए21,000



छात्रों को भी मिलेगा सीधा फायदा:
भर्ती प्रक्रिया का उद्देश्य केवल रिक्तियां भरना नहीं, बल्कि संस्कृत विद्यालयों में नियमित शैक्षणिक व्यवस्था बहाल करना है। शिक्षक कमी वाले विद्यालयों में पढ़ाई सुचारू होगी, बोर्ड कक्षाओं के विद्यार्थियों को समय पर विषय विशेषज्ञ मिलेंगे और स्थानीय स्तर पर योग्य युवाओं को अध्यापन का व्यावहारिक अनुभव भी मिलेगा।

आगे क्या होगा?
विद्यालयों से रिक्त पदों के प्रस्ताव जुटाए जा रहे हैं।
29 अगस्त तक प्रस्ताव निदेशालय पहुंचेंगे।
स्वीकृत पदों पर आवेदन प्रक्रिया और दिशा-निर्देश जारी होंगे।
प्राथमिकता बोर्ड कक्षाओं और शिक्षकविहीन विद्यालयों को मिलेगी।


दौसा जिले में 61 संस्कृत विद्यालय:
ब्लॉकवार संस्कृत विद्यालय
ब्लॉक विद्यालय
लालसोट 19
नांगल राजावतान 9
बसवा 5
दौसा 5
महुआ 5
सिकराय 5
बैजूपाड़ा 3
बांदीकुई 3
लवाण 3
रामगढ़ पचवारा 2
सिकंदरा 2
मंडावर 0

कुल 61




इनका कहना है...........

"विद्या संबल योजना की शुरुआत करना स्वागत योग्य और पूरी तरह छात्रहितैषी कदम है। बोर्ड कक्षाओं, शिक्षकविहीन और एकल-शिक्षक विद्यालयों को प्राथमिकता देने से छात्रों का भविष्य सुरक्षित होगा। हमारी मांग है कि सरप्लस शिक्षकों का इच्छित स्थानों और रिक्त पदों पर समायोजन किया जाए। तत्पश्चात शेष वास्तविक रिक्तियों पर आरक्षण नियमों का पालन करते हुए IFMS पोर्टल के माध्यम से पारदर्शी भर्ती हो, ताकि योग्य युवाओं को रोजगार और स्थाई शिक्षकों का वेतन सुरक्षित रहे।"

— खेमराज मीणा, स्टेट चेयरमैन, प्राथमिक अध्यापक संघ (लेवल-प्रथम)