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गलती भू-कारोबारी की, सरकार ने जनता की जेब पर डाला भार, भूखंडधारियों से वसूली जाएगी राशि

नगरीय विकास विभाग ने भू-कारोबारियों की गलती का भार जनता की जेब पर डाल दिया है। जिन कॉलोनियों में मुख्यमंत्री जन आवास योजना के प्रावधान लागू हैं और विकासकर्ता ने ईडब्ल्यूएस और एलआईजी के लिए भूखंड आरक्षित नहीं रखे हैं तो भूखंडधारियों को 25 रुपए प्रति वर्गमीटर की दर से राशि चुकानी होगी।

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जयपुर

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Umesh Sharma

Sep 30, 2021

गलती भू-कारोबारी की, सरकार ने जनता की जेब पर डाला भार, भूखंडधारियों से वसूली जाएगी राशि

गलती भू-कारोबारी की, सरकार ने जनता की जेब पर डाला भार, भूखंडधारियों से वसूली जाएगी राशि

जयपुर।

नगरीय विकास विभाग ने भू-कारोबारियों की गलती का भार जनता की जेब पर डाल दिया है। जिन कॉलोनियों में मुख्यमंत्री जन आवास योजना के प्रावधान लागू हैं और विकासकर्ता ने ईडब्ल्यूएस और एलआईजी के लिए भूखंड आरक्षित नहीं रखे हैं तो भूखंडधारियों को 25 रुपए प्रति वर्गमीटर की दर से राशि चुकानी होगी।

यह राशि बेसिक सर्विस फॉर अरबन पूअर फंड के लिए देनी होगी। इस राशि से निकाय गरीबों के लिए भूखंड की कमी पूरी करेंगे। इन कॉलोनियों का प्रशासन शहरों के संग अभियान में नियमन किया जाएगा। नियमन के लिए सरकार ने भूखंड आरक्षित रखने की बाध्यता में छूट दी है।

30 फुट है सड़क की चौड़ाई तो भी मिलेगा पट्टा

अभियान में अब पुरानी बसी हुई कॉलोनियों में अगर मौजूद पहुंच मार्ग की चौड़ाई अगर 40 की बजाय 30 फुट है तो सरकार ऐसी कॉलोनियों का भी नियमन करेगी। यही नहीं अगर कोई कॉलोनी आबादी क्षेत्र के बीच है तो निकाय मौके की स्थिति के अनुसार फैसला कर सकेंगे।

तो विकास कार्य भी होंगे

यूडीएच की ओर से जारी आदेश के अनुसार जिन क्षेत्रों का जोनल डवलपमेंट प्लान मंजूर होने के साथ ही सेक्टर/जोनल प्लान भी तकनीकी अनुमोदित हो चुका है। अगर ऐसी कॉलोनियो में 60 प्रतिशत से अधिक भूखंडों के पट्टे जारी हो चुके हैं तो वहां विकास कार्य कराए जाएंगे। निकाय की अभियांत्रिकी शाखा क्षेत्र में आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने का तकमीना बनाकर मौके पर काम शुरू करेगी।

निकाय बदल सकेंगे लोकेशन

सरकार ने सड़कों के नेटवर्क व सुविधा क्षेत्र की लोकेशन में बदलाव करने का अधिकार भी निकायों की एम्पावर्ड कमेटी को दिया है। कमेटी मौका स्थिति के अनुसार योजना भूमि में ही बदलाव करेगी। सरकार ने स्थानीय कमेटियों को यह अधिकार इसलिए दिया है ताकि कमेटियां मौके के अनुसार मामले में फैसला लें और योजना का नियमन कर लोगों को पट्टे दिए जा सकें।

पुरानी आबादी में भी फ्री होल्ड का पट्टा

शहरों की पुरानी आबादी, सघन आबादी और गैर मुमकिन आबादी क्षेत्र में फ्री होल्ड पट्टे दिए जाएंगे। प्रशासन शहरों के संग अभियान में यह पट्टे जारी किए जाएंगे। राज्य सरकार ने सभी निकायों को आदेश दिए हैं कि आवेदक दस वर्षों की एकमुश्त लीज राशि जमा कराकर फ्री होल्ड का पट्टा जारी किया जाए।

लीज राशि में भी मिलेगी छूट

यूडीएच के आदेश में पुरानी आबादी, सघन आबादी और गैर मुमकिन आबादी क्षेत्र में लीज राशि पर भी छूट दी जाएगी। भूखंडधारी पर अगर लीज राशि या उस पर ब्याज बकाया है तो लीज राशि में 60 व ब्याज में 100 प्रतिशत की छूट दी जाएगी।