शिक्षा निदेशालय (The Directorate of Education) ने प्रदेश के 96 प्राथमिक स्कूलों (primary schools) को उच्च प्राथमिक स्कूलों (upper primary schools,) में क्रमोन्नत (upgraded) किया है, इसमें राजधानी जयपुर के सात स्कूल भी शमिल हैं। स्कूलों को वर्तमान सत्र से ही शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। क्रमोन्नत किए गए स्कूल में प्रारंभ में छठी कक्षा संचालित की जाएगी, लेकिन प्र्याप्त नामांकन होने पर सातवीं और आठवीं भी साथ ही शुरू की जा सकेगी। क्रमोन्न स्कूलों में पदों का आवंटन विभाग में उपलब्ध पदों में से स्टाफिंग पैटर्न में निर्धारित मानदंडों के मुताबिक किया जा सकेगा।
इन स्कूलों में कमरों का निर्माण समग्र शिक्षा अभियान, नाबार्ड,एमपीएलएडी अथवा जन सहयोग के माध्यम से कराया जाएगा। क्रमोन्नत विद्यालय में शिक्षण कार्य प्रारम्भ करने के लिए सम्बन्धित मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी अपने एरिया के प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्कूल से शिक्षक ले सकेंगे।
इन जिलों में इतने स्कूल हुए क्रमोन्नत
अजमेर में एक, अलवर में दो,बांसवाड़ा में एक, बारां में एक, बाड़मेर में तीन, भरतपुर में पांच,भीलवाड़ा में तीन, बीकानेर में चार, बूंदी में दो, चित्तौडगढ़़ में दो, चूरू में दो, दौसा में एक, धोलपुर में एक, डूंगरपुर में दो, हनुमानगढ़ में दो, जयपुर में सात, जैसलमेर में चार, जालोर में दो,झालावाड़ में एक, झुझुनूं में छह,जोधपुर में ग्यारह, करौली में पांच, कोटा में एक, नागौर में तीन, पाली में दो, प्रतापगढ़ में दो, राजसमंद में तीन, सवाई माधोपुर में एक, सीकर में छह, सिरोही में एक, टोंक में चार और उदयपुर में दो प्राथमिक स्कूलों को उच्च प्राथमिक में क्रमोन्नत किया गया है।
जयपुर के यह स्कूल हुए क्रमोन्नत
राजकीय प्राथमिक विद्यालय, रूपा की नांगल, सुमेल
राजकीय प्राथमिक विद्यालय, सर की ढाणी, बिलूची, सर
राजकीय प्राथमिक विद्यालय, रतखेड़ा, कंसेल,
राजकीय प्राथमिक विद्यालय, राधागोविंदपुरा, कोलीवाड़ा
राजकीय प्राथमिक विद्यालय, गजाधरपुरा
राजकीय प्राथमिक विद्यालय, भोला सैनी की ढाणी, केदकी वीरभान, बसड़ी ग्रामीण
राजकीय प्राथमिक विद्यालय, ढाणी हरदेव गुर्जर, पानिल्या