निजी अस्पतालों को स्थापित करनी होगी चिरंजीवी हेल्प डेस्क,मरीजों को रिसेप्शन पर देनी होगी चिरंजीवी से जुड़ी जानकारी
हर व्यक्ति को चिरंजीवी योजना से जोड़ा जाए,इसके लिए चिकित्सा विभाग मुख्यमंत्री चिंरजीवी योजना के प्रचार प्रसार में जुटी हैं।चिरंजीवी से जुड़ी जानकारी देने के लिए निजी अस्पतालों को भी अब हेल्प डेस्क स्थापित करनी होगी।
जहां पर चिरंजीवी योजना से जुड़े लाभ मरीजों को कैसे मिलेगी,इसकी जानकारी रिसेप्शन पर ही देनी होगी।
चिरंजीवी योजना के तहत कैसे मरीज का फ्री इलाज किया जा सकता है,इसके बारे में मरीजों को बताना होगा। वहीं अस्पताल में उपलब्ध इलाज के पैकेजेज की जानकारी देकर मरीज और उसके परिजन की पूरी सहायता करनी होगी।
राजस्थान स्टेट हैल्थ एश्योरेंस एजेंसी ने सभी निजी अस्पतालों को निर्देश दिए है कि वह अस्पताल में रिसेप्शन पर ही एक हेल्प डेस्क स्थापित करें और फ्री इलाज की सुविधा उपलबध करवाए। जानकारी के अभाव में कोई भी चिरंजीवी के लाभ से वंचित नहीं रहना चाहिए।
हेल्प-डेस्क योजना से पंजीकृत लाभार्थी परिवारों और अस्पतालों के बीच समन्वय स्थापित कर उन्हे उस संबंधित निजी अस्पताल मे निःशुल्क इलाज का लाभ दिलाना होगा।
इस योजना से वंचित प्रदेश के 12 प्रतिशत परिवारों को भी योजना से जोड़ा जाने का लक्ष्य तय किया गया है। योजना में 1633 पैकेज शामिल हैं।प्रदेश की राज्य सरकार ने एक मई 2021 से मुख्यमंत्री चिरंजीवी योजना की शुरुआत की थी। इस योजना से अब तक 1.35 करोड़ परिवार जुड़ चुके हैं। 17 माह के दौरान 21.28 लाख मरीजों को 2623 करोड़ रुपए की राशि मुफ्त इलाज दिया जा चुका हैं।